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Inspector Zende Movie Review: मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘इंस्पेक्टर जेंडे’ आज ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है. लगातार गंभीर भूमिकाएं करने के बाद, अब आप मनोज बाजपेयी को कॉमेडी करते भी देखेंगे. यह एक फुल एंटरटेनिंग फिल्म है.
‘इंस्पेक्टर जेंडे’ 5 सितंबर से आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.
इंस्पेक्टर जेंडे 3
Starring: मनोज बाजपेयी, जिम सर्भ, सचिन खेडेकर और अन्यDirector: चिन्मय मंडलेकरMusic: संकेत साने
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज तिवारी अब ओटीटी के बादशाह बनकर उभरे हैं. वेब सीरीज हो या ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्में, मनोज बाजपेयी को टक्कर देना अब आसान नहीं है. अब एक बार फिर मनोज ने अपनी दमदार एक्टिंग से ओटीटी पर दस्तक दी है. उनकी फिल्म ‘इंस्पेक्टर जेंडे’ आज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है, जो एक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म है और आपके वीकेंड प्लान के लिए बेस्ट रहेगी, क्योंकि आप इस फिल्म को अपने पूरे परिवार के साथ घर बैठे नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.
तो चलिए, सबसे पहले आपको फिल्म की कहानी के बारे में बताते हैं. यह एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है, जिसमें मनोज बाजपेयी इंस्पेक्टर मधुकर जेंडे और जिम सर्भ कार्ल भोजराज का किरदार निभा रहे हैं, जो कुख्यात सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज से प्रेरित एक किरदार है. कार्ल भोजराज एक कुख्यात कैदी है जो दिल्ली की तिहाड़ जेल से भाग जाता है. पुलिस उसे पकड़ने की बहुत कोशिश करती है, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता. वह पुलिस के हाथ नहीं लग पाता. ऐसे में फिल्म में इंस्पेक्टर मधुकर जेंडे की एंट्री होती है, जो 15 साल पहले कार्ल को पकड़ता था. जब कार्ल इंटरपोल की नाक में दम कर देता है, तो विभाग को जेंडे की याद आती है.
फिर जेंडे को कार्ल को पकड़ने की जिम्मेदारी दी जाती है. ऐसे में इंटरपोल एक टीम बनाता है, जिसका नेतृत्व जेंडे करता है और फिर शुरू होता है कार्ल को पकड़ने का सिलसिला, लेकिन आपको बता दें कि यह कहानी जितनी सीरियस लग रही है, उतनी है नहीं, क्योंकि इस बार मनोज बाजपेयी की कॉमेडी आपको आराम से फिल्म का आनंद लेने का मौका देगी. अब सवाल यह है कि क्या जेंडे कार्ल को पकड़ पाता है या नहीं? और इस सवाल का जवाब आपको पूरी फिल्म देखने के बाद खुद ही मिल जाएगा.
सही मायने में देखा जाए तो मनोज बाजपेयी इस फिल्म की जान हैं. वे अपने किरदार में पूरी तरह डूब जाते हैं और उनका शांत, विचारशील अंदाज दर्शकों को प्रभावित करता है. किरदार की जटिलताएं उनकी आंखों और हाव-भाव से आसानी से महसूस की जा सकती हैं. जिम सर्भ द्वारा निभाए गए खलनायक कार्ल भोजराज इस फिल्म को और भी प्रभावशाली बनाते हैं. सहायक कलाकारों का अभिनय भी काफी संतुलित है. गिरिजा ओक और सचिन खेडेकर ने अपनी भूमिकाओं को गंभीरता और विश्वसनीयता प्रदान की है.
इस फिल्म का निर्देशन और लेखन चिन्मय मंडलेकर ने किया है, जो उनके निर्देशन में पहली फिल्म है. उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म को बहुत ही शानदार तरीके से डायरेक्ट किया है, लेकिन छोटी-मोटी कमियां भी उनके निर्देशन में दिखी, लेकिन आप उन गलतियों नजर अंदाज भी कर सकते हैं. वैसे, फिल्म मनोरंजन से भरपूर है. फिल्म का अवधि इसकी कहानी से पूरा मेल खाता है और यही वजह कि फिल्म लगातार अपने रफ्तार में चलती रहती है, जिससे आप कहीं भी बोर महसूस नहीं करते. वैसे, फिल्म में थोड़ी बहुत समस्या इसके सिनेमाटोग्राफी झलकती है. साथ ही, संगीत पर भी थोड़ा और अच्छा काम किया जा सकता था. कुल मिलाकर आप इस फिल्म का आनंद उठा सकते हैं. मेरी ओर से इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार.
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Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें