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जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के लिए पंजीरी का विशेष महत्व है. यह गेहूं के आटे, घी, मेवों और मखाने से बनती है. इसे बनाने की विधि और सामग्री यहां दी गई है. इसे बनाकर जरूर ट्राई करें.
जन्माष्टमी के खास अवसर पर बनाइए स्वादिष्ट पंजीरी. Image AI
जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन भोग और प्रसाद का विशेष महत्व होता है. पंजीरी भगवान कृष्ण के प्रिय प्रसादों में से एक मानी जाती है, इसलिए जन्माष्टमी पर इसे खास तौर पर बनाया जाता है. गेहूं के आटे, घी, मेवों और मखाने से तैयार होने वाली पंजीरी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है. यदि आप इस बार घर पर स्वादिष्ट और पारंपरिक प्रसाद बनाना चाहते हैं, तो स्पेशल पंजीरी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है.
आवश्यक सामग्री
1 कप गेहूं का आटा
1/2 कप देसी घी
1/4 कप मखाने
10-12 बादाम
10-12 काजू
2 बड़े चम्मच चिरौंजी
1 बड़ा चम्मच किशमिश
1/2 कप बूरा या पिसी चीनी
1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
2 बड़े चम्मच सूखा नारियल कद्दूकस किया हुआ
पंजीरी बनाने की विधि
- सबसे पहले एक कड़ाही में थोड़ा घी डालकर मखानों को धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक भून लें. ठंडा होने पर इन्हें हल्का-सा दरदरा पीस लें. अब बादाम और काजू को भी बारीक काट लें.
- इसके बाद कड़ाही में बचा हुआ घी गर्म करें और उसमें गेहूं का आटा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें. आटा सुनहरा होने लगे और उसमें से अच्छी खुशबू आने लगे, तब समझिए कि वह अच्छी तरह भुन गया है. इस प्रक्रिया में लगभग 10 से 15 मिनट का समय लग सकता है.
- अब भुने हुए आटे में कटे हुए काजू, बादाम, चिरौंजी और नारियल डालकर 2 से 3 मिनट तक और भूनें. इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें.
- जब मिश्रण गुनगुना रह जाए, तब इसमें बूरा या पिसी चीनी, इलायची पाउडर, किशमिश और पिसे हुए मखाने मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें ताकि स्वाद हर हिस्से में बराबर आए.
प्रसाद के रूप में क्यों है खास?
पंजीरी को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इसमें मौजूद घी, मेवे और मखाने शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं. इसलिए व्रत खोलने के बाद यह प्रसाद शरीर को तुरंत ताकत देने का काम करता है. साथ ही इसका पारंपरिक स्वाद जन्माष्टमी के उत्सव को और भी खास बना देता है.