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Kannappa Movie Review: विष्णु मांचू, प्रभास, मोहनलाल, अक्षय कुमार, काजल अग्रवाल और मोहन बाबू स्टारर फिल्म ‘कन्नप्पा’ की असली जान इसके अंतिम 40 मिनट में हैं, खासकर भावनात्मक क्लाइमैक्स के दौरान जो सभी दर्शकों को प्रभावित करने में सक्षम है.

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27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है फिल्म ‘कन्नप्पा’.

कन्नप्पा 3

27 जून 2025|तेलुगू (हिंदी में भी उपलब्ध)182 मिनट|माइथोलिकल डिवोशनल

Starring: विष्णु मांचू, प्रभास, मोहनलाल, अक्षय कुमार, काजल अग्रवाल और मोहन बाबूDirector: मुकेश कुमार सिंहMusic: स्टीफन देवसी

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फिल्म ‘कन्नप्पा’ को लेकर दर्शक काफी उत्साहित थे. इस फिल्म का इंतजार काफी समय से किया जा रहा था. आखिरकार फिल्म ‘कन्नप्पा’ आज यानी 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. यह एक तेलुगु भाषा की माइथोलिकल डिवोशनल फिल्म है, जो मुकेश कुमार सिंह द्वारा निर्देशित, विष्णु मांचू द्वारा लिखित और मोहन बाबू द्वारा निर्मित है. यह हिंदू धर्म में भगवान शिव के भक्त कन्नप्पा की कथा पर आधारित है. फिल्म में विष्णु मांचू मुख्य भूमिका में हैं, जबकि प्रभास, मोहनलाल, अक्षय कुमार, काजल अग्रवाल, मोहन बाबू, आर. सरथकुमार, अर्पित रांका, प्रीति मुकुंदन और ब्रह्मानंदम सहायक भूमिकाओं में हैं. अगर आप भी इस फिल्म को देखने का मन बना रहे हैं, तो उससे पहले जान लीजिए यह फिल्म कैसी है?

‘कन्नप्पा’ एक आदिवासी युवक थिनाडू (विष्णु मांचू) की कहानी है, जो नास्तिक के रूप में बड़ा होता है. यह फिल्म श्री कालहस्ती मंदिर के इतिहास से प्रेरित है और थिनाडू के आंतरिक संघर्ष और पुरानी परंपराओं के खिलाफ विद्रोह को दिखाती है. वह अपने गांव की एक लड़की नेमाली (प्रीति मुखुंधन) से प्यार करता है और उससे शादी करता है. कहानी का मुख्य सार यह है कि थिनाडू कैसे एक नास्तिक से भगवान शिव का समर्पित अनुयायी बन जाता है, जो कन्नप्पा की पौराणिक भक्ति को दर्शाता है.

फिल्म की असली जान इसके अंतिम 40 मिनट में है, खासकर भावनात्मक क्लाइमैक्स के दौरान जो सभी दर्शकों को प्रभावित करने में सक्षम है. रुद्र (प्रभास) का प्री-क्लाइमैक्स हिस्सा अच्छी तरह से संभाला गया है. हालांकि, फिल्म का बाकी हिस्सा कई बार बिखरा हुआ लगता है, जिसमें दर्शक खुद को जोड़ नहीं पाते. फिल्म का पहला भाग काफी स्लो है, जिससे थोड़ी बोरियत भी महसूस होती है. हालांकि सेकंड पार्ट आते-आते फिल्म अपनी गति पकड़ लेती है और क्लाइमैक्स तक आपको बांधे रखती है.

गाने और लोकेशन देखने लायक हैं. भगवान शिव पर केंद्रित भक्ति गीत और उसके बोल प्रभावशाली हैं. हालांकि, संवादों में भावनात्मक गहराई की कमी है. युवा थिनाडू की भूमिका मांचू विष्णु के बेटे ने निभाई है, लेकिन उनकी डबिंग बहुत खराब है. मोहनलाल ने किराता के रूप में कैमियो किया है, महादेव शास्त्री के रूप में मोहन बाबू ने अच्छा काम किया है. तमिल के वरिष्ठ नायक शरत कुमार ने कन्नप्पा के पिता की भूमिका निभाई है. अक्षय कुमार और काजल अग्रवाल भगवान शिव और पार्वती के रूप में अच्छे लगे हैं.

क्लाइमैक्स में वीएफएक्स काफी अच्छा है. फिल्म की प्रोडक्शन वैल्यू बाजार के हिसाब से ठीक है. निर्माता और मुख्य अभिनेता के रूप में मांचू विष्णु की सराहना की जानी चाहिए. कई चुनौतियों के बावजूद वे एक अच्छा रिजल्ट देने में कामयाब रहे हैं. इतने सारे दिग्गज अभिनेताओं से भरपूर ये मल्टीस्टार फिल्म एवरेज है, जिसे आप सिनेमाघरों में अपने पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं. मेरी ओर से इस फिल्म के 5 में से 3 स्टार.

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Pratik Shekhar

Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें



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