नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध बुधवार को भी खत्म होता नहीं दिख रहा है। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। विपक्षी दल इन दोनों मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे हैं और गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान एक बार फिर जोरदार हंगामे के आसार हैं।
वहीं आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया है, जिसमें E20 पेट्रोल को अनिवार्य रूप से लागू करने से पैदा हुए जन-आक्रोश और उपभोक्ता अधिकारों के मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में ‘स्थगन प्रस्ताव’ का नोटिस दिया है। वे एक ऐसे नए ‘दल-बदल विरोधी कानून’ के स्वरूप पर चर्चा करना चाहते हैं जो अवसरवाद के कारण होने वाले बड़े पैमाने पर राजनीतिक दल-बदल को रोके, खासकर तब जब इसके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद न हों।
इससे पहले मंगलवार को भी दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित रही। हालांकि शोर-शराबे के बीच लोकसभा ने विनियोग (संख्यांक-3) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया, जबकि राज्यसभा ने संक्षिप्त चर्चा के बाद जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। इसके बावजूद विपक्ष के विरोध के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।