गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिहार, झारखंड और उड़ीसा समेत कई राज्यों में ‘पानी भात’ और ‘दही भात’ खाने की परंपरा काफी पुरानी है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. इन पारंपरिक व्यंजनों के साथ जो चीज स्वाद को और बढ़ा देती है, वह है देसी ‘मिर्ची चोखा’. यह एक सरल लेकिन बेहद स्वादिष्ट व्यंजन है, जिसे गांवों में बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है. मिर्ची चोखा बनाने के लिए सबसे पहले आलू उबाले जाते हैं. इसके बाद लहसुन और सूखी लाल मिर्च को आग पर भून लिया जाता है, जिससे उसमें खास देसी खुशबू आती है. फिर इन्हें हाथ से पीसकर उसमें कटा हुआ प्याज मिलाया जाता है. स्वाद के लिए नमक, सरसों का तेल और थोड़ा अचार मसाला डाला जाता है. अंत में उबले आलू मिलाकर हल्का मैश किया जाता है. तैयार मिर्ची चोखा दाल-भात, पानी भात या दही भात के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है.