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Mungodi Recipe: बालोद के पाररास निवासी दीपक यादव का जयस्तंभ चौक स्थित मुंगेड़ी सेंटर बरसात में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. यहां 30 रुपये प्लेट में मिलने वाली स्पेशल मुंगेड़ी रोज 100 प्लेट तक बिकती है. प्याज, अजवाइन, सौंफ और हींग से तैयार यह कुरकुरी मुंगेड़ी अपने यूनिक स्वाद के लिए मशहूर है. दीपक ने 2008 में सिर्फ 5 हजार रुपये से यह कारोबार शुरू किया था.
Mungodi Recipe: छत्तीसगढ़ में बारिश का मौसम शुरू होते ही गरमा-गरम नाश्तों की मांग बढ़ जाती है. ऐसे समय में बालोद के जयस्तंभ चौक के पास लगने वाला यादव मुंगेड़ी सेंटर लोगों की पहली पसंद बन गया है. यहां मिलने वाली कुरकुरी मुंगेड़ी, ब्रेड पकौड़ा, आलूगुंडा और मिर्ची भजिया का स्वाद लोगों को खूब पसंद आ रहा है. खास बात यह है कि यहां मिलने वाला हर नाश्ता मात्र 30 रुपये प्रति प्लेट में उपलब्ध है, जिसके चलते सुबह से लेकर शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. बालोद के पाररास निवासी दीपक यादव ने बताया कि वे जयस्तंभ चौक के पास पिछले कई वर्षों से अपना नाश्ता सेंटर संचालित कर रहे हैं. यहां ब्रेड पकौड़ा, आलूगुंडा, मुंगेड़ी और मिर्ची भजिया तैयार किए जाते हैं. सभी नाश्ते ताजे और गरमा-गरम परोसे जाते हैं. हालांकि सभी आइटम लोकप्रिय हैं, लेकिन सबसे ज्यादा ब्रेड पकौड़ा और बरसात के मौसम में मुंगेड़ी की मांग रहती है.
100 प्लेट तक रोजाना बिक्री
दीपक बताते हैं कि सामान्य दिनों में उनकी दुकान पर ब्रेड पकौड़े की करीब 100 प्लेट तक रोजाना बिक जाती हैं, जबकि बारिश के मौसम में स्पेशल मुंगेड़ी की मांग अचानक बढ़ जाती है. बरसाती सीजन में रोजाना करीब 100 प्लेट मुंगेड़ी हाथों-हाथ बिक जाती है. इसके अलावा सभी नाश्तों को मिलाकर प्रतिदिन 300 प्लेट से अधिक का कारोबार हो जाता है.
मुंगेड़ी का स्वाद की अलग पहचान
उन्होंने बताया कि उनकी मुंगेड़ी का स्वाद पूरे बालोद में अलग पहचान रखता है. इसका सबसे बड़ा कारण इसे बनाने का खास तरीका है. मुंगेड़ी के मिश्रण में प्याज, अजवाइन, सौंफ और हींग का उपयोग किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं. इसके बाद इसे धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तला जाता है. यही वजह है कि एक बार यहां का स्वाद चखने वाले ग्राहक बार-बार वापस आते हैं.
कब शुरू किया था कारोबार
दीपक यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2008 में इस व्यवसाय की शुरुआत की थी. इससे पहले वे गन्ने का रस बेचने का काम करते थे. उसी दौरान उनके भाई, जो नांदगांव में मुंगेड़ी बेचते थे, ने बरसात के मौसम में मुंगेड़ी सेंटर शुरू करने का सुझाव दिया. दीपक को यह आइडिया पसंद आया और उन्होंने केवल 5 हजार रुपये की शुरुआती लागत से इस काम की शुरुआत कर दी.
आज यह छोटा-सा मौसमी प्रयोग दीपक का मुख्य व्यवसाय बन चुका है. स्वाद, गुणवत्ता और किफायती कीमत के दम पर उनका नाश्ता सेंटर बालोद शहर में अपनी अलग पहचान बना चुका है. खासकर बारिश के मौसम में गरमा-गरम मुंगेड़ी का स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं. यही कारण है कि दीपक का यह कारोबार हर साल बरसात में और अधिक रफ्तार पकड़ लेता है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें