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Param Sundari Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा, जाह्नवी कपूर, मनजोत सिंह और संजय कपूर स्टारर फिल्म ‘परम सुंदरी’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई. अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं तो उससे पहले जान लीजिए कैसी है फिल्म?

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उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती दिखी ‘परम सुंदरी’.

परम सुंदरी 1.5

29 अगस्त 2025|हिंदी136 मिनट|रोमांटिक कॉमेडी

Starring: सिद्धार्थ मल्होत्रा, जाह्नवी कपूर, रेन्जी पणिक्कर, मनजोत सिंह और संजय कपूरDirector: तुषार जलोटाMusic: सचिन-जिगर

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फिल्म ‘परम सुंदरी’ का ट्रेलर देखने के बाद मेरे दिमाग में ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘टू स्टेट्स’ जैसी दो फिल्में आने लगीं. मुझे लगा था कि ये भी ऐसी ही फिल्म होगी, लेकिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला. ‘परम सुंदरी’ की कहानी कमजोर निकली, कुछ भी नयापन देखने को नहीं मिला. दिनेश विजान, जिनका सितारा इन दिनों बुलंदियों पर है, उनकी फिल्में लगातार बॉक्स ऑफिस पर छा रही हैं, ऐसे में मेरे लिए ये थोड़ा चौंकाने वाला है कि उन्होंने ऐसी फिल्म बनाने का फैसला कैसे लिया? आज के समय में दर्शक अच्छी कहानी चाहते हैं, अब वो स्टार्स के पीछे नहीं भागते. आज का दौर पहले जैसा नहीं रहा, अब माहौल पूरी तरह बदल चुका है और मेकर्स को इन बातों पर भी सोचना चाहिए कि आज के समय में कोई फिल्म किसी स्टार के नाम पर चल सकती है.. ये संभव नहीं है.

चलिए सबसे पहले आपको फिल्म की कहानी के बारे में बताते हैं. फिल्म की कहानी एक नॉर्थ इंडियन लड़के परम सचदेव (सिद्धार्थ मल्होत्रा) और एक साउथ इंडियन लड़की थेक्कापट्टू सुंदरी दामोदरम पिल्लई (जाह्नवी कपूर) पर आधारित है. परम एक इंवेस्टर है जो एक डेटिंग ऐप बना रहा है. यह ऐप आपको आपके जीवनसाथी से मिलाने का काम करता है और इसी बीच सुंदरी का नाम परम के लिए आता है और फिर परम अपनी सुंदरी से मिलने केरल निकल पड़ता है. जब परम केरल पहुंचता है तो उसे पहली नजर में सुंदरी से प्यार हो जाता है. वहीं दूसरी तरफ सुंदरी की कहानी कुछ और ही है. सुंदरी एक अच्छी क्लासिकल डांसर है, लेकिन उसके माता-पिता का निधन हो चुका है और वह डांस छोड़कर अपनी छोटी बहन के साथ एक ‘स्टे होम’ चलाती है, जहां मेहमान आते-जाते हैं.

परम भी अपने दोस्त मनजोत सिंह के साथ सुंदरी के स्टे होम में रहने चला जाता है. परम पहले दिन से ही सुंदरी से फ्लर्ट करना शुरू कर देता है. पहले तो सुंदरी उस पर ध्यान नहीं देती, लेकिन फिर परम कुछ ऐसा करता है जिससे सुंदरी उसके प्यार में पड़ने लगती है. फिर एक दिन जब परम सुंदरी को प्रपोज करने उसके पास जाने की कोशिश करता है, तो कुछ ऐसा होता है कि परम की आंखें खुली की खुली रह जाती हैं. अब आगे क्या होता है, ये जानने के लिए आपको सिनेमाघर जाकर पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी. वैसे, मुझे फिल्म की कहानी में कुछ नया नहीं दिखा. आजकल जिस ओरिजिनल कंटेंट की बात होती है, वो इस फिल्म में गायब है.

फिल्म में न तो कोई बेहतरीन लव स्टोरी है और न ही कोई कॉमेडी जो इसे मनोरंजक बना सके. अब एक्टिंग की बात करें तो, मैंने फिल्म में जाह्नवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​को कई बार ओवरएक्टिंग करते देखा. जाह्ववी फिल्म में जिस तरह के रोल में थीं, उस पर खरी नहीं उतर पाईं. उन्हें अभी भी काफी मेहनत करने की जरूरत है. उन्हें किरदार में डूबने के लिए खुद पर काफी वर्क करना पड़ेगा, जबकि सिद्धार्थ थोड़े हैंडसम जरूर लगे, लेकिन ओवर एक्टिंग के कारण वह भी फिल्म को संभाल नहीं पाए. फिल्म में परम के दोस्त बने मनजोत सिंह को देख भी कुछ समझ नहीं आता कि आखिर उनकी जरूरत ही क्या थी फिल्म. अगर आप उन्हें फिल्म में ले रहे हैं तो कुछ ऐसे सीन्स उनके लिए लिखे जाते जिससे दर्शकों को थोड़ी तो हंसी आती. तो एक तरह से फिल्म में मनजोत सिंह की मौजूदगी भी बेकार गई.

इस फिल्म को तुषार जलोटा ने डारेक्ट तो अच्छे से किया, लेकिन कैरेक्टर को सही रूप रेखा देने में सफल नहीं हो पाए. ऐसे में ये तो कोई रोमांटिक फिल्म बन पाई और न ही कॉमेडी. अगर फिल्म की जान कोई है तो वो सिर्फ इसका संगीत, जिसे सचिन-जिगर ने तैयार किया है. अगर आप पारिवारिक फिल्में देखने के शौकीन हैं तो आप इसे देख सकते हैं, लेकिन यह पैसा वसूल नहीं है. मेरी ओर से ‘परम सुंदरी’ को 5 में से 1.5 स्टार.

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Pratik Shekhar

Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें



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