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Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा में बरसात के दिनों में ग्रामीण जंगल से कोचई पत्ते लाकर धूप में सुखाते हैं और चावल के माड़ यानी पसिया के साथ इसकी सब्जी बनाते हैं. पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा ग्रामीणों को बाजार की सब्जियों पर निर्भरता से भी बचाती है.
Kochai Patta Pasiya Sabji: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के ग्रामीण इलाकों में बरसात के दिनों में पारंपरिक देसी हरी सब्जी खाने का चलन है. इन दिनों गांव में कोचई पत्ते की लोकप्रियता बढ़ गई है, जिसे ग्रामीण जंगल से लाकर सुखाते हैं और चावल के बचे हुए पसिया के साथ मिलाकर सब्जी बनाते हैं. जंगलों में मिलने वाला कोचई पत्ता ग्रामीणों के लिए स्वाद का खजाना है. इसे धूप में सुखाकर लंबे समय तक संरक्षित रखा जा सकता है, जिससे ग्रामीण इसे हर मौसम में सब्जी बनाकर खा सकते हैं. यह परंपरा ग्रामीणों को बाजार की सब्जियों पर कम निर्भर रहने में मदद करती है.
जंगल से घर तक का सफर
सनी माझी ने लोकल 18 को बताया कि बरसात के मौसम में ग्रामीण जंगलों से कोचई पत्ते काटकर घर लाते हैं. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है. सूखने के बाद इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और जरूरत के अनुसार अलग-अलग मौसम में इसकी सब्जी बनाई जा सकती है.
पसिया के साथ बनती है सब्जी
सनी राम माझी के अनुसार, धूप में सुखाए गए कोचई पत्ते को सब्जी के लिए तैयार किया जाता है. इसमें चावल का बचा हुआ माड़ यानी ‘पसिया’, नमक, मिर्च, तेल और टमाटर मिलाकर सब्जी बनाई जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि पसिया के साथ तैयार होने वाली इस सब्जी का स्वाद खास और लाजवाब होता है.
बचपन से जुड़ा पारंपरिक स्वाद
सनी राम माझी बताते हैं कि यह कोई नई सब्जी नहीं है, बल्कि गांवों में लंबे समय से चली आ रही एक पारंपरिक सब्जी है. बरसात के मौसम में जंगल से मिलने वाले कोचई पत्ते को ग्रामीण अपने घर लाते हैं और इसे सुखाकर भविष्य के लिए रख लेते हैं. इस पारंपरिक स्वाद से गांव के लोगों की बचपन से ही यादें जुड़ी हुई हैं.
बाजार पर कम निर्भरता
कोचई पत्ता जंगल से ही मिल जाता है, इसलिए ग्रामीणों को इस मौसम में बाजार से सब्जी खरीदने की जरूरत कम पड़ती है. इसे सुखाकर रखने के बाद लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे उनकी बाजार पर निर्भरता कम होती है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…
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