आज 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस है। इस मौके पर पीएम मोदी ने नेशनल टीचर्स अवार्ड्स विनर्स और शिक्षकों से बात की। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, “एक विषय है स्क्रीन टाइम। अब एक प्रकार का एडिक्शन है। मेरे मन में एक विचार आता है। या तो वह बच्चा खेलकूद के अंदर बहुत रुचि लेने लग जाएगा। फिर खेलकूद मतलब वो वीडियो गेम नहीं। मैंने एक्चुअली मैदान में वो खेलना तो धीरे-धीरे वो उसमें से बाहर आ सकता है और ऐसे में क्रिएटिविटी की तरफ हम बच्चों को जितना ज्यादा जोड़ेंगे और हमने ऐसे कुछ ना कुछ कार्यक्रमों की रचना को आदत बनानी चाहिए। अब जैसे ड्रग्स का मामला अभी कुछ बड़े शहरों में या यूनिवर्सिटी में रहा ऐसा नहीं क्योंकि पता ही नहीं किसी को क्या है कोई आकर के दे देता है क्या उस संबंध में लगातार आज के जो आप टीचर्स हैं क्या अवेयरनेस उसके कारण क्या भय है क्या माइन्यूटली ऑब्जर्व करने में कोई किसी बच्चे में बदलाव तो नहीं आ रहा है। मैं बात तो आप लोगों से कर रहा हूं लेकिन एक प्रकार से मैं पूरे शिक्षा जगत से ये कहना चाहता हूं कि हमें बहुत पहले से ज्यादा किताबों से बाहर निकल कर के सिलेबस से बाहर निकल कर के बच्चों की जिंदगी में घुसना पड़ेगा। बचपन मरने नहीं देना चाहिए। और बचपन बनाए रखने का सबसे बड़ा काम टीचर कर सकता है। टीचर का काम है कि उसके भीतर का बचपन बना रहे। साथियों, मेरी तरफ से आप सबको बहुत-बहुत बधाई है। बहुत शुभकामनाएं हैं।”
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