मैडॉक फिल्म्स ने अपने हॉरर-कॉमेडी जगत में कई फिल्में बनाई हैं और सभी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है. चाहे वह ‘स्त्री’ हो या ‘भेड़िया’, लेकिन 21 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और परेश रावल अभिनीत फिल्म ‘थामा’ एक बड़ी निराशा है. फिल्म की कहानी कमजोर है और क्लाइमैक्स में दम नहीं है. तो चलिए सबसे पहले आपको फिल्म की कहानी के बारे में बताते हैं.

फिल्म में आयुष्मान खुराना आलोक गोयल, रश्मिका मंदाना ताड़का, नवाजुद्दीन सिद्दीकी यक्षसन, परेश रावल राम बजाज गोयल और गीता अग्रवाल सुधा गोयल की भूमिका में हैं. आलोक दिल्ली का एक पत्रकार है जो अपने दोस्तों के साथ ट्रैकिंग पर जाता है, जहां एक भालू उस पर हमला करता है, लेकिन ताड़का उसे बचा लेती है. फिल्म में ताड़का एक पिशाच है. ताड़का गोपाल की जान तो बचा लेता है, लेकिन बाद में वह पिशाचों की दुनिया में फंस जाता है.

फिल्म का पहला भाग ठीक-ठाक है, जिसमें कुछ डरावने दृश्य और हंसी के पल हैं. हालांकि, जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, गति धीमी होती जाती है और कहानी उबाऊ होती जाती है. कहानी में सार की कमी है. वहीं दूसरी ओर, क्लाइमैक्स अधूरा सा लगता है. यह सिर्फ नाम की हॉरर-कॉमेडी है, क्योंकि इसकी तुलना ‘स्त्री’ और ‘भेड़िया’ जैसी फिल्मों से नहीं की जा सकती.

आयुष्मान के अभिनय में कोई कमी नहीं है, उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है, लेकिन कहानी और पटकथा इतनी कमजोर है कि उनका अभिनय भी फिल्म को बचा नहीं पाता. रश्मिका के बारे में, निर्माता उनके अभिनय कौशल का सही उपयोग करने में नाकाम रहे, जिससे वह एक खूबसूरत पिशाच बनकर रह गईं. उनके डायलॉग्स भी सही तरीके से तैयार नहीं किए गए. नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी का अभिनय जरूरत से ज़्यादा लगता है, कई बार वे ओवरएक्टिंग करते नजर आते हैं.

निर्देशन की बात करें तो आदित्य सरपोतदार ने फिल्म को बहुत असंतुलित रखा है. उन्होंने कॉमेडी और हॉरर का सहज मिश्रण किया है, जिससे दर्शक उलझन में पड़ जाते हैं कि हंसें या डरें. उन्होंने सेट और दृश्यों पर ज्यादा ध्यान दिया, लेकिन कहानी को नजरअंदाज कर दिया. अगर उन्होंने कहानी पर थोड़ा और ध्यान दिया होता, तो यह एक बेहतरीन फिल्म हो सकती थी.

हालांकि बैकग्राउंड स्कोर बेहतरीन है, यह आपको थोड़ा डराता जरूर है, लेकिन फिल्म के गाने फिल्म की गति को काफी नुकसान पहुंचाते हैं, क्योंकि गाने उतने दमदार नहीं हैं, अगर फिल्म की अवधि थोड़ी कम होती और गाने नहीं होते तो शायद दर्शक बोर नहीं होते. कुल मिलाकर देखा जाए तो अगर आपके पास खाली समय है तो टाइम पास कर सकते हैं. वैसे इसे पैसा वसूल मूवी समझने की कोशिश न करें. मेरी ओर से फिल्म को 2 स्टार.



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