Image Source : ANI
Narendra Modi, PM

UP Assembly Election: पीएम मोदी ने बास्ती में चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो लोग हमारी सेनाओं से सबूत मांगते हैं, उनके सामर्थ्य पर विश्वास नहीं करते, ऐसे लोगों से यूपी की जनता को बहुत सतर्क रहना है। पीएम मोदी ने कहा कि आज 5वें चरण का मतदान हो रहा है। आज का मतदान यूपी में भाजपा-एनडीए की प्रचंड बहुमत वाली सरकार पर एक और ठप्पा लगाने वाला है। यूपी को दंगामुक्त बनाने के लिए, गुंडामुक्त बनाए रखने के लिए, यूपी के विकास के लिए, लोगों का भरपूर आशीर्वाद हमें मिल रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑपरेशन गंगा चलाकर हम यूक्रेन से भी हजारों भारतीयों को वापस ला रहे हैं। हमारे जो बेटे-बेटी अभी भी वहां हैं, उन्हें पूरी सुरक्षा के साथ अपने घर पहुंचाने के लिए सरकार दिन-रात काम कर रही है।

पीएम ने कहा कि आज चंद्रशेखर आज़ाद जी के बलिदान दिवस पर देश अपने सपूत को याद कर रहा है। कल बालाकोट एयरस्ट्राइक के तीन साल पूरे होने पर देश ने अपनी वायुसेना के पराक्रम को भी याद किया। हमारे शूरवीरों ने देश को चुनौती देने वालों को उनके घर में ही घुसकर मारा था। पीएम मोदी ने सेना पर विपक्ष के सवाल उठाने पर जवाब दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत का ये पराक्रम दिल्ली और यूपी में बैठे कुछ घोर परिवारवादियों को पसंद नहीं आता। ये लोग आज भी हमारी सेनाओं से सबूत मांगते हैं, उनके सामर्थ्य पर विश्वास नहीं करते इसलिए ऐसे लोगों से यूपी की जनता को बहुत सतर्क रहना है।

पीएम बोले-विपक्षियों को नजर आता है सिर्फ कमीशन

पीएम ने विपक्ष को कटधरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो लोग देश की सेनाओं की जरूरत को हमेशा नजरअंदाज करते रहे, वो परिवारवादी देश को मजबूत नहीं कर सकते। जिन लोगों का दिल, देश में बम धमाके करने वाले आतंकियों के लिए धड़कता है, वो कभी देश को सशक्त नहीं बनाएंगे। मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों की जो नीतियां थीं उन्होंने विदेश से सामान मंगाने पर ही जोर दिया। इन लोगों को भारत का दूसरे देशों पर निर्भर बने रहना अच्छा लगता है। इन्हें सिर्फ कमीशन नजर आता है। इसलिए ये लोग कभी आत्मनिर्भर भारत की बात नहीं करते।

2022 में भी परिवारवादियों को सीट बचाने के लाले पड़े: मोदी

कबीर जी घोर परिवारवादियों के लिए बहुत पहले कह गए थे। दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय। गरीब की इसी हाय ने 2014 में इन्हें झटक दिया, 2017 में पटक दिया और 2019 में साफ कर दिया। अब 2022 में तो इन्हें अपनी ही सीट बचाने के लाले पड़ गए हैं। पीएम ने कहा कि कमीशन के लिए जीने वाले परिवारवादी किसानहित और राष्ट्रहित के कदम नहीं उठा सकते। ये किसी जाति के नहीं होते, ये किसी समाज के नहीं होते। इनके लिए अपना स्वार्थ सबसे बड़ा है।

 





Source link

Write A Comment