Pali News: पाली के रेगिस्तानी इलाके से एक ऐसी पहल सामने आई है, जो परंपरा और नवाचार का अनोखा संगम बनती नजर आ रही है. यहां ऊंटनी का दूध अब सिर्फ पोषण का साधन नहीं, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है. युवा उद्यमी निर्मल चौधरी ने एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसमें गांव की महिलाएं अपने घरों में रहकर ही ऊंटनी के दूध से बिस्किट जैसे उत्पाद बना रही हैं. इस पहल की खास बात यह है कि इसमें उन महिलाओं को जोड़ा गया है, जो किसी कारणवश घर से बाहर काम नहीं कर पाती थीं. उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर इस काबिल बनाया गया कि वे आसानी से बिस्किट तैयार कर सकें. इन बिस्किट्स में केमल मिल्क का उपयोग किया जाता है, जो पूरी तरह प्राकृतिक और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. आज इस पहल से 35 से अधिक परिवारों को नियमित आय मिल रही है. महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं. यह मॉडल अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनता जा रहा है.