नई दिल्ली. यूट्यूब (YouTube) पर अब आपको डिसलाइक (Dislike) के नंबर नजर नहीं आएंगे. यूट्यूब ने अधिकारिक रूप से इसकी घोषणा कर दी है. कंपनी का मानना है कि छोटे क्रिएटर्स को इससे काफी मदद मिलेगी जिन्हें कि जानबूझकर टारगेट किया जाता है और उनके वीडियोस पर डिसलाइक के नंबर को बढ़ा दिया जाता है. यूट्यूब का कहना है कि वह क्रिएटर और व्यूवर्स के बीच में सम्मानजनक इंटरेक्शन (Respectful interactions between viewers and creators) को प्रमोट कर रहे हैं.
हालांकि आपको डिसलाइक का बटन देखता रहेगा और आप उसे डिसलाइक भी कर पाएंगे, लेकिन कोई भी व्यक्ति नहीं है नहीं देख पाएगा कि वीडियो को कितनी बार डिसलाइक किया गया है. वीडियो बनाने वाले को यह पता रहेगा कि उसके वीडियो पर कितने डिसलाइक आए हैं अथवा कितने लोगों ने उनके वीडियो को नापसंद किया है. यूट्यूब का कहना है कि इसकी मदद से पब्लिक शेमिंग (Public Shaming) को रोकने में मदद मिलेगी. कंपनी ने इसकी घोषणा अपने एक ब्लॉग पोस्ट में की है.
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एक्सपेरिमेंट के बाद कंपनी ने लिया फैसला
यूट्यूब में अपने एक एक्सपेरिमेंट के बाद यह फैसला लिया है. कंपनी ने पाया कि डिसलाइक बटन को हटाने के बाद छोटे क्रिएटर्स पर हमले कम हुए हैं. क्योंकि लोग यह नहीं देख पाते कि कितने डिसलाइक आए हैं तो वे टारगेटेड डिसलाइक नहीं करते हैं.
इससे पहले कंपनी में एक और एक्सपेरिमेंट किया था, जिसमें पाया था कि छोटे क्रिएटर, जिन्होंने हाल फिलहाल में ही अपना चैनल शुरू किया है, को लगता था कि उन्हें बिना वजह टारगेट किया जाता है. यूट्यूब में अपने डेटा के आधार पर यह बताया है कि आनुपातिक रूप से छोटे चैनल्स पर जानबूझकर व्यावहारिक हमले अधिक होते हैं.
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इसी के मद्देनजर कंपनी ने अपने डिसलाइक अकाउंट को प्राइवेट कर दिया है. इसका मतलब यह हुआ कि अब सिर्फ क्रिएटर ही अपने डिसलाइक काउंट को देख पाएगा. हालांकि डिसलाइक का बटन ज्यों का त्यों रहेगा. क्रिएटिव स्टूडियो में जाकर अपने डिस्काउंट देख सकते हैं.
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