Last Updated:
कभी गुलाब, खस और केवड़ा के शरबत सिर्फ आम लोगों के नहीं, बल्कि राजा-महाराजाओं और नवाबों की भी पसंद हुआ करते थे. गर्मियों में ठंडक पहुंचाने वाले ये पारंपरिक पेय शाही खानपान का हिस्सा थे. आज भी इन शरबतों को स्वाद, खुशबू और शरीर को तरोताजा रखने के लिए पसंद किया जाता है.
रॉयल शरबत
गर्मी से राहत पाने के लिए आज लोग कोल्ड ड्रिंक, जूस और एनर्जी ड्रिंक का सहारा लेते हैं, लेकिन सदियों पहले राजा-महाराजा और नवाब प्राकृतिक शरबतों पर भरोसा करते थे. मुगल दरबारों से लेकर राजपूताना के महलों तक, गुलाब, केवड़ा, खस, बेल और बादाम से बने पेय शाही खानपान का अहम हिस्सा थे. इन शरबतों को सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शरीर को ठंडा रखने और गर्मी से बचाने के लिए भी पिया जाता था. आइए जानते हैं कि किस शासक के दौर में कौन-से पेय लोकप्रिय थे और उनके क्या फायदे हैं.
बादशाह अकबर और फलों-गुलाब के शरबत
मुगल सम्राट अकबर के दरबार में फलों और गुलाब से बने शरबत काफी लोकप्रिय माने जाते थे. शाही भोज में मेहमानों को सुगंधित और ठंडे पेय परोसने की परंपरा थी. गुलाब आधारित शरबत शरीर को ठंडक देने के लिए जाने जाते हैं. इनमें मौजूद प्राकृतिक तत्व गर्मी के मौसम में ताजगी का एहसास कराते हैं और पानी की कमी से बचाने में मदद कर सकते हैं.
जहांगीर को पसंद थी गुलाब की खुशबू
इतिहासकारों के अनुसार जहांगीर और उनकी बेगम नूरजहां के समय गुलाब का इस्तेमाल काफी बढ़ा. गुलाब जल और गुलाब से बने पेय शाही जीवनशैली का हिस्सा बन गए थे. गुलाब का शरबत आज भी गर्मियों में लोकप्रिय है. इसे पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और इसकी खुशबू मन को भी तरोताजा कर सकती है. यही कारण है कि यह पेय सदियों बाद भी लोगों की पसंद बना हुआ है.
नवाब वाजिद अली शाह और केवड़ा-ठंडाई
अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह अपने शौक और खानपान के लिए मशहूर थे. उनके दौर में केवड़ा, गुलाब और ठंडाई जैसे पेयों का विशेष महत्व था. ठंडाई में बादाम, सौंफ और कई मसाले मिलाए जाते हैं, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं. वहीं केवड़ा की खुशबू इसे एक अलग शाही पहचान देती है.
निजाम हैदराबाद और बादाम वाले पेय
हैदराबाद के निजामों की रसोई अपने समृद्ध व्यंजनों और पेयों के लिए जानी जाती थी. फलों, बादाम और सुगंधित शरबतों का सेवन गर्मियों में आम था. बादाम से बने पेय ऊर्जा देने के साथ-साथ पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं. इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स और विटामिन शरीर को ताकत देने में मदद करते हैं.
राजपूत दरबार और खस-बेल का शरबत
राजस्थान की भीषण गर्मी में राजपूत शासकों और शाही परिवारों के बीच खस और बेल जैसे शीतल पेय लोकप्रिय थे. खस का शरबत शरीर को ठंडक देने के लिए जाना जाता है, जबकि बेल का शरबत पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है. यही वजह है कि आज भी कई घरों में गर्मियों के दौरान इन पारंपरिक पेयों को पसंद किया जाता है.
About the Author
विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें