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Agra Famous Dahi Jalebi: आगरा की सुबह अगर देशी घी की कुरकुरी जलेबी और ताजी दही के स्वाद से शुरू हो तो बात ही अलग है. शहर के सिकंदरा स्थित कारगिल बोदला रोड पर एक ऐसी ही मशहूर दुकान है, जहां सुबह होते ही जलेबी के शौकीनों की भीड़ लग जाती है. यहां देशी घी में बनी रसीली जलेबी का स्वाद लेने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं. खास बात यह है कि सुबह के कुछ ही घंटों में यहां 45 किलो तक जलेबी बिक जाती है.
आगरा: ताजनगरी आगरा की सुबह का स्वाद ही कुछ अलग है. यहां दिन की शुरुआत कई लोग गरमा-गरम जलेबी और ठंडी-ठंडी दही के साथ करना पसंद करते हैं. शहर में कई जगह जलेबी का स्वाद लोगों को अपनी ओर खींचता है, लेकिन सिकंदरा स्थित कारगिल बोदला रोड की जलेबी की दुकान अपनी खास पहचान बना चुकी है. सुबह होते ही यहां जलेबी खाने वालों की भीड़ लग जाती है. देशी घी में तैयार होने वाली कुरकुरी और रसीली जलेबी का स्वाद लेने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं.
इस दुकान की खासियत है कि यहां जलेबी को पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है. मैदा और दही के गाढ़े घोल से बनी जलेबी को देशी घी में तलकर चाशनी में डाला जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. इसके साथ ग्राहकों को ताजा दही परोसी जाती है, जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं. संचालक के मुताबिक, सुबह के कुछ ही घंटों में बड़ी मात्रा में जलेबी बिक जाती है और मौसम अच्छा होने पर बिक्री और भी बढ़ जाती है.
देशी घी की जलेबी का अलग स्वाद
आगरा के सिकंदरा स्थित कारगिल बोदला रोड पर मौजूद इस दुकान की जलेबी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. दुकान संचालक जगन सिसोदिया बताते हैं कि यहां जलेबी शुद्ध देशी घी में बनाई जाती है. मैदा और दही के घोल से तैयार जलेबी को गोल आकार में घी में तला जाता है. इसके बाद इसे चाशनी में डाला जाता है, जिससे मिठास अच्छी तरह जलेबी के अंदर तक पहुंच जाती है.
दही और आलू की सब्जी के साथ खाते हैं लोग
जलेबी को यहां ग्राहक अलग-अलग तरीके से पसंद करते हैं. ज्यादातर लोग इसे ताजी दही के साथ खाना पसंद करते हैं. वहीं कुछ ग्राहक चटपटी आलू की सब्जी के साथ भी जलेबी का स्वाद लेते हैं. दुकान पर ग्राहकों की पसंद के हिसाब से इसे परोसा जाता है.
सुबह 4 घंटे में बिक जाती है 45 किलो जलेबी
जगन सिसोदिया के मुताबिक, उनकी दुकान सुबह 6 बजे खुल जाती है और कई बार ग्राहक उससे पहले ही पहुंच जाते हैं. उन्होंने बताया कि सुबह के करीब चार घंटों में ही लगभग 45 किलो तक जलेबी की बिक्री हो जाती है. साफ-सफाई और शुद्ध घी में तैयार होने की वजह से लोग यहां जलेबी खाने आते हैं. मौसम अच्छा होने पर बिक्री और भी बढ़ जाती है.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें