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उरद दाल से बनती है ये खास इमरती, मुंह में जाते ही गायब! जानिए क्यों है डिमांड

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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की एक मिठाई इन दिनों लोगों के बीच खूब चर्चा में है. मुहम्मदाबाद गोहना बाजार में स्थित भोला की इमरती अपने खास स्वाद और अनोखी बनावट के लिए जानी जाती है. सिर्फ उरद की दाल से तैयार होने वाली यह इमरती मुंह में जाते ही घुल जाती है, जिसकी वजह से इसका स्वाद और भी खास हो जाता है. यही कारण है कि मऊ ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के शहरों तक इसकी मांग लगातार बनी रहती है.

यूपी के पूर्वांचल में मऊ की इमरती खास मानी जाती है, क्योंकि यहां की इमरती केवल उरद के दाल की बनाई जाती है, जो मुंह में जाते ही घुल जाती है. इसकी वजह से इस इमरती को खाने वालों की काफी भीड़ लगी रहती है. इस इमरती को लोग सिर्फ खाते ही नहीं हैं, बल्कि घर पैक कराकर ले जाते हैं.आइए जानते हैं भोला की इमरती में क्या खास है, जिसे खाने के साथ लोग पैक कराकर घर ले जाते हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना बाजार में नगर पंचायत कार्यालय के सामने भोला की एक खास दुकान है, जहां इमरती बनाई जाती है और यह इमरती सिर्फ मऊ ही नहीं, आजमगढ़ गाजीपुर, बलिया, बनारस, मुम्बई, दिल्ली समेत दूर-दूर तक लोग लेकर जाते हैं. यहां एक अलग तरीके से इमरती बनाई जाती है, जिसमें सिर्फ उर्द की दाल (धोई) डाला जाता है. उर्द की दाल होने की वजह से यह इमरती मुंह में जाते ही घुल जाती है.

लोकल 18 से बात करते हुए दुकानदार के मालिक मनोज कुमार गुप्ता बताते हैं कि उनके यहां 60 वर्षों से यह इमरती बनाई जाती है. इस इमरती को बनाने के लिए सबसे पहले उर्द की दाल खरीदी जाती है, जिसे मशीन में पीसकर भिगोया जाता है. इसके बाद इस धोई को हाथों से लगभग 1 घंटे तक फेटा जाता है. फिर इस मिश्रण को रिफाइंड करके इमरती की शक्ल दी जाती है. इमरती तैयार होने के बाद इसे चीनी की चाशनी में डालकर निकाला जाता है.

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इस इमरती की खासियत यह है कि मुंह में जाते ही यह घुल जाती है, जिससे इसे खाने वाले लोगों का मन खुश रहता है. इतनी प्रसिद्धि के कारण इमरती खरीदने के लिए लोगों की भीड़ रहती है. दुकानदार बताते हैं कि यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग इमरती लेने आते हैं. यह थोड़े-थोड़े टुकड़ों में बनाई जाती है. इमरती खाने वालों को हमेशा गर्म दी जाती है, क्योंकि गर्म इमरती का स्वाद ही अलग होता है.

हालांकि उनकी दुकान पर इस इमरती को बनाने में दो लोग लगे रहते हैं. सुबह 9 बजे से शाम के 9 बजे तक यह गर्म इमरती कड़ाई से बाहर निकलती रहती है और लोग इसे खरीदते रहते हैं. अगर बात करें कीमत की, तो यह 10 रुपए पीस और 280 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दी जाती है.

यह इमरती प्रतिदिन मुंबई जाती है, क्योंकि मुंबई के लोग इसे बहुत पसंद करते हैं. यहां से मुंबई जाने वाले लोग इसे प्रतिदिन लेकर जाते हैं. इस इमरती की खास बात यह है कि यह जितनी ठंडी होगी, उतनी ही स्वादिष्ट होगी. लगभग 10 से 15 दिनों तक यह इमरती खराब नहीं होती है और लाजवाब बनी रहती है. इस इमरती की खास बात यह है कि केवल उरद की दाल की बने होने की वजह से मुंह में जाते ही घुल जाती है. किसी प्रकार का इसमें कोई मिलावट नहीं की होता है, जिसकी वजह से लोगों को यह काफी पसंद आती है.



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