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एक लौकी, कई स्वाद! नाश्ते से डेजर्ट तक ऐसे करें इस्तेमाल, सेहत भी दुरुस्त

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लौकी को अक्सर लोग सिर्फ साधारण सब्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह पोषण का खजाना मानी जाती है. फाइबर, विटामिन और पानी से भरपूर लौकी से चीला, पराठा, रायता, पकौड़े, कोफ्ते, जूस और मिठाई जैसी कई स्वादिष्ट रेसिपी तैयार की जा सकती हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल रखती हैं.

गर्मियों और बरसात के मौसम में बाजार में आसानी से मिलने वाली लौकी को अक्सर लोग सिर्फ सब्जी के रूप में ही जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि लौकी से कई स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ते भी तैयार किए जा सकते हैं लौकी में भरपूर मात्रा में पानी, फाइबर, विटामिन-सी, आयरन और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते है. 

गर्मियों और बरसात के मौसम में आप सुबह लौकी के चीला बना सकते हैं. लौकी का चीला सुबह के नाश्ते के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसे बनाने के लिए कद्दूकस की हुई लौकी में बेसन, हरी मिर्च, अदरक, धनिया और हल्के मसाले मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. इसके बाद तवे पर कम तेल में चीला सेंका जाता है. 5 मिनट में आप लौकी का चीला तैयार कर सकते हैं, सुबह नाश्ते के रूप में खट्टी-मीठी चटनी के साथ सेवन कर सकते हैं. 

लौकी के पराठे स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होते हैं इन्हें बनाने के लिए ताजी लौकी को कद्दूकस कर गेहूं के आटे में मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए हरी मिर्च, धनिया पत्ती, अजवाइन, जीरा और हल्के मसाले डाले जाते हैं. इसके बाद आटा गूंधकर पराठे तैयार किए जाते हैं. लौकी में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है. यही वजह है कि यह नाश्ता वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी अच्छा माना जाता है. सुबह के नाश्ते में दही, अचार या चटनी के साथ परोसे गए लौकी के पराठे स्वाद और पोषण दोनों का भरपूर लाभ देते हैं. 

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गर्मियों के मौसम में लौकी का रायता सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. लौकी में भरपूर मात्रा में पानी, फाइबर, विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं. लौकी का रायता बनाने के लिए सबसे पहले लौकी को छीलकर कद्दूकस किया जाता है और हल्का उबाल लिया जाता है. इसके बाद लौकी को ठंडा करके फेंटे हुए दही में मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें भुना जीरा, काला नमक, साधारण नमक, हरी धनिया और थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर डाला जाता है. कुछ लोग इसमें पुदीना भी मिलाते हैं. 

गर्मियों और बरसात के मौसम में सुबह के नाश्ते के रूप में लौकी के पकौड़े एक बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं. कद्दूकस की हुई ताजी लौकी में बेसन, हरी मिर्च, अदरक, धनिया और स्वादानुसार मसाले मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. इसके बाद इन्हें हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक तला जाता है, लौकी में मौजूद फाइबर और पोषक तत्व शरीर को पोषण प्रदान करते हैं, जबकि बेसन प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है. बरसात के मौसम में गरमा-गरम लौकी के पकौड़े और चाय का संयोजन लोगों को खूब पसंद आता है. कम लागत में तैयार होने वाला यह नाश्ता स्वाद के साथ-साथ पौष्टिकता भी प्रदान करता है, इसलिए घरों में इसकी मांग बढ़ जाती है.

लौकी के कोफ्ते एक स्वादिष्ट और पौष्टिक भारतीय व्यंजन है, जिसे घरों में बड़े चाव से बनाया जाता है. लौकी में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं. कोफ्ते बनाने के लिए सबसे पहले लौकी को कद्दूकस कर उसका अतिरिक्त पानी निकाल लिया जाता है, इसके बाद उसमें बेसन, नमक, हरी मिर्च और मसाले मिलाकर छोटे-छोटे गोले तैयार किए जाते हैं. इन गोलों को तेल में सुनहरा होने तक तल लिया जाता है, दूसरी ओर टमाटर, प्याज, अदरक और मसालों से स्वादिष्ट ग्रेवी तैयार की जाती है. अंत में तले हुए कोफ्तों को ग्रेवी में डालकर कुछ देर पकाया जाता है. 

नाश्ते के अलावा लौकी का जूस भी सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. गर्मियों और उमस भरे मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए लौकी का ताजा जूस एक प्राकृतिक और पौष्टिक पेय के रूप में काम करता है. लौकी में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और शरीर को ठंडक पहुंचाता है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में लौकी का जूस पीने से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से कार्य करता है, कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है और पेट हल्का महसूस होता है. इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी मदद करते हैं. 

लौकी की मिठाई भारतीय रसोई में बनने वाली एक पारंपरिक और पौष्टिक मिठाई है, स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. खासकर गर्मियों और त्योहारों के मौसम में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं, लौकी की मिठाई बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और कोमल लौकी को छीलकर कद्दूकस किया जाता है. इसके बाद इसे दूध में धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे लौकी का कच्चापन खत्म हो जाता है और उसका स्वाद निखरकर सामने आता है. जब मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा हो जाता है, तब उसमें चीनी, इलायची पाउडर, घी और सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू और पिस्ता मिलाए जाते हैं. इससे मिठाई का स्वाद और भी बढ़ जाता है.

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