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Mango and Badhar Pickle Baghelkhand Recipe: आम का अचार तो आपने कई बार खाया होगा लेकिन बघेलखंड में बनने वाला आम-बड़हर का मिक्स अचार अपने अनोखे स्वाद के लिए खास माना जाता है. खटास, तीखापन और देसी मसालों की खुशबू से तैयार यह अचार लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है. जानिए इसे बनाने का पूरा देसी तरीका.

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सतना: आपने आम का अचार तो खूब खाया होगा लेकिन क्या कभी आम के साथ बड़हर का मिक्स अचार चखा है? बघेलखंड में कभी यह अचार घरों की रसोई की खास पहचान हुआ करता था. खट्टे आम और बड़हर का अनोखा मेल, सरसों के तेल की तेज खुशबू और देसी मसालों का चटपटा स्वाद इसे बाकी अचारों से बिल्कुल अलग बनाता है. खास बात यह है कि इसे सही तरीके से तैयार किया जाए तो लंबे समय तक संभालकर रखा जा सकता है.

बघेलखंड निवासी अंजलि चतुर्वेदी ने लोकल 18 से बताया कि आम और बड़हर का अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजे, कड़े और कच्चे आम और अध-पके बड़हर की जरूरत होगी. फिर दोनों को अच्छी तरह धोने के बाद साफ कपड़े से पूरी तरह सुखाना जरूरी है क्योंकि अचार में नमी रह जाने से उसके जल्दी खराब होने की आशंका रहती है. अब आम को छोटे-छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें साथ ही बड़हर के बीज निकालकर उसके भी छोटे टुकड़े कर लें. अब दोनों को एक बड़े बर्तन में डालकर हल्दी और थोड़ा नमक मिलाएं. इस मिश्रण को ढक कर रातभर या कम से कम 7-8 घंटे के लिए छोड़ दें. इससे फलों का अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाएगा.

धूप में सुखाना है जरूरी
अगली सुबह आम और बड़हर के मिश्रण को छान लें और निकले हुए पानी को अलग कर दें. इसके बाद दोनों के टुकड़ों को साफ सूती कपड़े पर फैलाकर करीब 3-4 घंटे तक धूप में रखें. इस प्रक्रिया से बची हुई नमी भी निकल जाएगी और अचार लंबे समय तक टिकने में मदद मिलेगी. इसी दौरान अचार के लिए खास मसाला तैयार करें. इसके लिए सौंफ, मेथी दाना, पीली सरसों या राई, कलौंजी और जीरा लें. इन्हें पैन में धीमी आंच पर हल्का भूनें. ध्यान रखें कि मसाले जलने नहीं चाहिए बस उनकी नमी निकल जाए और अच्छी खुशबू आने लगे. ठंडा होने के बाद इन्हें मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें.

सरसों के तेल से आएगा असली स्वाद
अब कड़ाही में करीब दो से तीन कप शुद्ध सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें. जब तेल से धुआं उठने लगे तो गैस बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें. तेल हल्का गर्म रह जाए तब इसमें हींग, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, तीखी लाल मिर्च पाउडर और हल्दी डालें. इसके बाद दरदरा तैयार किया हुआ मसाला डालें. स्वाद के अनुसार नमक मिलाएं, हालांकि अचार में नमक थोड़ा तेज रखना बेहतर माना जाता है. अब धूप में सुखाए गए आम और बड़हर के टुकड़े भी डालकर सभी चीजों को बड़े चम्मच से अच्छी तरह मिला लें ताकि तेल और मसाले हर टुकड़े पर बराबर लग जाएं.

सिरका देगा खट्टापन और बढ़ाएगा शेल्फ लाइफ
अचार को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने और उसमें हल्का खट्टापन लाने के लिए आखिर में दो से तीन चम्मच सफेद सिरका यानी विनेगर डालें. इसे भी पूरे मिश्रण में अच्छी तरह मिला दें. इसके बाद अचार को पूरी तरह ठंडा होने दें. जब मिश्रण ठंडा हो जाए तो इसे साफ, सूखे और कीटाणुरहित कांच या चीनी मिट्टी के मर्तबान में भर दें. जार का मुंह साफ सूती कपड़े से बांधकर इसे लगातार 1-2 दिन तेज धूप में रखें. साथ ही दिन में एक बार सूखे चम्मच से अचार को ऊपर-नीचे जरूर मिलाएं.

दाल-चावल से लेकर पराठे तक, हर खाने का स्वाद बढ़ाएगा
धीरे-धीरे आम और बड़हर मसालों और सरसों के तेल का स्वाद सोखकर नरम होने लगेंगे. कुछ समय बाद सरसों के तेल की तीखापन, मसालों की खुशबू और आम-बड़हर की खटास मिलकर ऐसा स्वाद तैयार करेंगे जो साधारण दाल-चावल और पराठे का जायका भी बदल देगा. सही तरीके से तैयार करने के बाद इस अचार को एयर टाइट डिब्बे में रखकर करीब 2 साल तक स्टोर किया जा सकता है.

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Mohd Majid

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