Marwadi Kadhi Recipe: कढ़ी का नाम सुनते ही ज्यादातर घरों में बेसन, दही और गरमागरम चावल की तस्वीर सामने आ जाती है. लेकिन मारवाड़ी कढ़ी का स्वाद आम कढ़ी से थोड़ा अलग और ज्यादा चटपटा होता है. इसमें पकौड़े नहीं डाले जाते, बल्कि बेसन और दही के पतले घोल को खड़े मसालों के तड़के के साथ धीरे-धीरे पकाया जाता है. यही सादगी इसे खास बनाती है. राजस्थान की पारंपरिक रसोई में ऐसी कढ़ी अक्सर रोजमर्रा के खाने का हिस्सा रही है, खासकर तब जब रसोई में ज्यादा सब्जियां मौजूद न हों.

सही मात्रा में खट्टा दही, बेसन और देसी घी मिल जाए तो स्वाद के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. अगर आप भी घर पर मारवाड़ी अंदाज की कढ़ी बनाना चाहते हैं, तो यह तरीका आसानी से आजमा सकते हैं.

बेसन और दही का घोल ऐसे करें तैयार
मारवाड़ी कढ़ी की शुरुआत उसके बेसन-दही के घोल से होती है. सबसे पहले करीब 1/4 कप बेसन को छान लें. इसके बाद इसमें 1 कप ताजा या हल्का खट्टा दही डालकर अच्छी तरह फेंटें. घोल में गुठलियां नहीं रहनी चाहिए. अब इसमें स्वादानुसार नमक, थोड़ी हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें. इसके बाद करीब 4 कप पानी धीरे-धीरे डालते हुए घोल को लगातार चलाते रहें. घोल न बहुत गाढ़ा होना चाहिए और न बिल्कुल पानी जैसा. पकने के बाद कढ़ी अपने आप थोड़ी गाढ़ी हो जाती है, इसलिए शुरुआत में इसे मध्यम पतला रखना बेहतर रहता है.

खड़े मसालों से आएगा असली स्वाद
अब कढ़ाई में 1 से 2 चम्मच देसी घी गर्म करें. इसमें राई, जीरा और थोड़ा सा मेथी दाना डालें. इनके चटकने के बाद दालचीनी का छोटा टुकड़ा, लौंग, काली मिर्च, तेजपत्ता और छोटी इलायची डाल सकते हैं. इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक, करी पत्ता और एक चुटकी हींग डालें. मसालों को बहुत देर तक न भूनें, वरना मेथी और हींग का स्वाद कड़वा हो सकता है. कुछ सेकंड का तड़का ही खुशबू निकालने के लिए काफी है.

(इमेज AI)

कढ़ी को धीमी आंच पर पकाना है जरूरी
अब तैयार बेसन-दही का घोल कड़ाही में धीरे-धीरे डालें. घोल डालते समय इसे लगातार चलाते रहें. शुरुआत में गैस की आंच मध्यम रखें और कढ़ी में उबाल आने तक चम्मच चलाते रहें. यह छोटा सा कदम कढ़ी की बनावट को खराब होने से बचाता है. पहला उबाल आने के बाद गैस धीमी कर दें. अब कढ़ी को करीब 15 से 20 मिनट तक पकने दें. बीच-बीच में इसे चलाते रहें. धीमी आंच पर पकने से बेसन का कच्चापन निकलता है और मसालों का स्वाद अच्छी तरह घुल जाता है.

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आखिर में लगाएं चटपटा तड़का
कढ़ी पकने के बाद एक छोटे पैन में एक चम्मच घी गर्म करें. इसमें राई, जीरा और सूखी लाल मिर्च डालें. गैस बंद करने से ठीक पहले थोड़ा लाल मिर्च पाउडर डालकर तुरंत तड़का कढ़ी के ऊपर डाल दें. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें. बस, आपकी मारवाड़ी कढ़ी तैयार है. इसे गरम चावल, बाजरे की रोटी या सादे पराठे के साथ परोसा जा सकता है. खास बात यह है कि कढ़ी को कुछ देर रखने के बाद मसालों का स्वाद और अच्छी तरह मिल जाता है.

स्वाद बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
मारवाड़ी कढ़ी बनाते समय सबसे जरूरी बात दही का सही इस्तेमाल है. बहुत ज्यादा खट्टा दही इस्तेमाल करने से स्वाद जरूरत से ज्यादा तीखा हो सकता है. वहीं बेसन की मात्रा ज्यादा होने पर कढ़ी भारी और बहुत गाढ़ी हो सकती है. दूसरी अहम बात है कढ़ी को जल्दबाजी में न पकाना. उबाल आने के बाद धीमी आंच पर पकाने से ही इसका असली स्वाद सामने आता है. अगर कढ़ी ज्यादा गाढ़ी हो जाए तो थोड़ा गर्म पानी मिलाकर उसकी कंसिस्टेंसी ठीक की जा सकती है.



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