Last Updated:
Deoghar Famous 5 Rs Jalebi-Samosa Combo: महंगाई के इस दौर में जहां एक समोसे की कीमत 8 से 10 रुपये तक पहुंच गई है, वहीं झारखंड के देवघर जिले के जसीडीह सब्जी मार्केट में एक ऐसी दुकान है, जहां आज भी सिर्फ ढाई रुपये में समोसा और ढाई रुपये में जलेबी मिलती है. साल 2008 में एक रुपये से शुरुआत करने वाले दुकानदार दिलीप यादव ने बढ़ती लागत के बावजूद अपने ग्राहकों का साथ नहीं छोड़ा. सस्ता दाम, बेहतरीन स्वाद और वर्षों से कायम भरोसे की वजह से यह छोटी-सी दुकान आज स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों की भी पसंद बन चुकी है.
देवघर में महंगाई लगातार बढ़ रही है. आज जिले के ज्यादातर होटल और नाश्ते की दुकानों पर एक समोसा 8 से 10 रुपये तक बिक रहा है. ऐसे समय में जसीडीह सब्जी मार्केट की एक छोटी-सी दुकान लोगों के लिए मिसाल बनी हुई है. यहां आज भी सिर्फ ढाई रुपये में समोसा और ढाई रुपये में जलेबी मिल जाती है.
सबसे खास बात यह है कि इस दुकान की शुरुआत साल 2008 में महज एक रुपये के समोसे और एक रुपये की जलेबी से हुई थी. करीब 18 साल बाद भी दुकानदार ने कीमत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की है. यही वजह है कि इस दुकान पर हर दिन ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ लगी रहती है.
दुकान चलाने वाले दिलीप यादव बताते हैं कि जब उन्होंने दुकान शुरू की थी, तब उनका मकसद सिर्फ कमाई करना नहीं था, बल्कि हर वर्ग के लोगों को सस्ता और स्वादिष्ट नाश्ता खिलाना था. समय के साथ आटा, आलू, तेल, गैस और बाकी सभी सामानों के दाम कई गुना बढ़ गए, लेकिन उन्होंने ग्राहकों का साथ नहीं छोड़ा.
Add News18 as
Preferred Source on Google
आज भी वह सिर्फ ढाई रुपये में समोसा और जलेबी बेच रहे हैं. उनका कहना है कि कम मुनाफे में काम चल जाता है, लेकिन ग्राहकों के चेहरे पर खुशी देखकर उन्हें सबसे ज्यादा संतोष मिलता है. दिलीप यादव बताते हैं कि उनकी दुकान पर सबसे ज्यादा बच्चे आते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि आसपास कई स्कूल हैं. स्कूल की छुट्टी होते ही बच्चे सीधे उनकी दुकान पर पहुंच जाते हैं.
कई बच्चों के पास जेब खर्च बहुत कम होता है. ऐसे में वे आसानी से कुछ रुपये में समोसा और जलेबी खाकर अपना मन भर लेते हैं. दुकानदार का कहना है कि अगर कीमत ज्यादा कर देंगे, तो गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए यहां खाना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए उन्होंने आज भी कीमत कम ही रखी है. स्वाद की बात करें, तो यहां बनने वाला समोसा और गरमा-गरम जलेबी लोगों को खूब पसंद आता है. सुबह से ही दुकान पर नाश्ता करने वालों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है. कोई समोसे के साथ चाय पीता है, तो कोई जलेबी का स्वाद लेता है. कई ग्राहक ऐसे भी हैं, जो वर्षों से इसी दुकान पर आते रहे हैं. उनका कहना है कि स्वाद में आज भी कोई बदलाव नहीं आया है. यही वजह है कि नई पीढ़ी के साथ-साथ पुराने ग्राहक भी इस दुकान से जुड़े हुए हैं.
दिलीप यादव के अनुसार उनकी दुकान से हर दिन करीब 500 समोसे और 500 पीस जलेबी की बिक्री हो जाती है. इतनी कम कीमत होने के बावजूद बिक्री अच्छी होने से उनका कारोबार ठीक-ठाक चल जाता है. दूर-दूर से आने वाले लोग भी इस दुकान का स्वाद चखने जरूर पहुंचते हैं. जसीडीह सब्जी मार्केट में स्थित यह छोटी-सी दुकान आज अपने सस्ते दाम, बेहतरीन स्वाद और ग्राहकों के भरोसे की वजह से एक अलग पहचान बना चुकी है. महंगाई के इस दौर में भी ढाई रुपये में समोसा और जलेबी खिलाने वाले दिलीप यादव की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.