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लखीमपुर खीरी के गोला नगर स्थित 70 साल पुरानी बद्री स्वीट की इमरती-रबड़ी लोगों के बीच खास पहचान बना चुकी है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से रसीली इमरती का स्वाद लेने के लिए शाम होते ही दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. खास विधि से तैयार की जाने वाली इमरती को चाशनी में डुबोकर रबड़ी के साथ परोसा जाता है, जिसकी कीमत करीब ₹360 प्रति किलो है. स्वाद ऐसा कि कई बार ग्राहकों को इंतजार भी करना पड़ता है, लेकिन एक बार खाने के बाद लोग बार-बार यहां लौटते हैं.
लखीमपुर खीरी. मिठाइयों का इतिहास बहुत पुराना है, हर राज्य, हर शहर की कोई न कोई मिठाई अपनी खास पहचान बनाए हुए है. इन्हीं लोकप्रिय मिठाइयों में एक है इमरती बाहर से कुरकुरी और अंदर से रसीली. इस मिठाई का नाम सुनते ही हर किसी की जुबान पर मिठास घुल जाती है. त्योहारों पर या खास अवसरों पर यह मिठाई अक्सर बनाई जाती है. इमरती की डिमांड अधिक रहती है. इसकी खासियत है कि ये गर्म खाने में जितनी स्वादिष्ट लगती है ठंडी होने पर भी इसका स्वाद बरकरार रहता है. इसे बनाने का तरीका लगभग जलेबी जैसा ही होता है. खीरी जिले के गोला नगर में बद्री स्वीट के नाम से मशहूर दुकान पर इमरती के दीवानों की भीड़ लगी रहती है. काफी दूर-दूर से इमरती खाने के शौकीन यहां आते हैं और इमरती रबड़ी का स्वाद लेते हैं. कई बार लोगों को इंतजार करना पड़ता है.
अगर आप भी इमरती खाना चाहते हैं तो गोला नगर के मेला मैदान में स्थित बद्री की स्वीट के नाम से फेमस दुकान पर शाम करीब 5:00 बजे से रात्रि करीब 11:00 बजे तक आपको इमरती और रबड़ी मिल जाएगी. लोकल 18 से बातचीत करते हुए संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि 70 साल पुरानी यह दुकान अपनी खासियत के नाम से जानी जाती है क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया जाता है. खास तौर से इमरती को तैयार किया जाता है उसके साथ रबड़ी का स्वाद लाजवाब होता है, जिस कारण ग्राहक सबसे अधिक इमरती और रबड़ी को खाना बेहद पसंद करते हैं.
इमरती बनाने की विधि
इमरती बनाने के लिए सबसे पहले उरद की दाल को धो कर और इसे अच्छी तरह से पीसकर इसमें रंग मिलाया जाता है. इसके बाद इसे अच्छे से फेंट लिया जाता है. दाल को गर्मी के मौसम में तीन से चार घंटे तक रखे रहने दें. अब पानी में चीनी डालकर इसे धीमी आंच पर घुलने दें, इस दौरान इसे लगातार चलाते रहें जब तक चीनी पूरी तरह से घुल न जाए. इसे तब तक पकाते रहें जब तक कि चाशनी का तार न बनने लगे. उसके बाद रिफाइंड और घी में इमरती को तैयार किया जाता है फिर चाशनी में डुबाया जाता है.
एक किलो इमरती और रबड़ी का रेट
एक किलो इमरती करीब ₹360 की मिलती है तो वही इमरती के साथ रबड़ी का आनंद और ही अलग है. ऐसे में 1 किलो रबड़ी 360 रुपए की मिलती है. शाम के समय काफी भीड़ देखने को मिलती है, स्वाद ऐसा है कि जो एक बार खाता है वह बार-बार आता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें