Summer Sweets Food Poisoning : उत्तर भारत में तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर खानपान में थोड़ी-सी लापरवाही भी फूड पॉइजनिंग, दस्त, उल्टी और पेट के संक्रमण का कारण बन सकती है. खासकर दूध, खोया और मलाई से बनी मिठाइयां गर्मी में जल्दी खराब हो जाती हैं. अगर इन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा जाए तो इनमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में मिठाई खाने से परहेज करना चाहिए. अगर खाते भी हैं तो दूध से बने मिठाइयां अगर ताजा है तो खा सकते हैं, लेकिन अगर वही फ्रीज या बाहर रहता है तो भी खराब हो सकती है. आइए जानते हैं कि ऐसी कौन-कौन सी मिठाइयां हैं, जो गर्मी में खाने से परहेज करें.

1. रसगुल्ला

अगर रसगुल्ला फ्रिज में न रखा गया हो या कई घंटे बाहर रखा हो तो उसके शुगर सिरप में बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं. ऐसे रसगुल्ले खाने से पेट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

2. गुलाब जामुन

गुलाब जामुन में खोया और चाशनी दोनों होते हैं. गर्मी में यह जल्दी खराब हो सकता है, खासकर सड़क किनारे मिलने वाले गुलाब जामुन.

खाजा मिठाई (फाइल फोटो)

3. मिल्क केक

दूध और खोए से बनी यह मिठाई गर्मी में सबसे जल्दी खराब होने वाली मिठाइयों में गिनी जाती है. हल्की-सी लापरवाही भी इसे असुरक्षित बना सकती है.

4. कलाकंद

इसमें नमी अधिक होती है, इसलिए बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं. बिना रेफ्रिजरेशन के रखा कलाकंद खाने से बचना चाहिए.

5. रबड़ी

रबड़ी में दूध का गाढ़ा मिश्रण होता है. यदि यह लंबे समय तक बाहर रखी जाए तो फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है.

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6. मलाई चॉप और चमचम

ये मिठाइयां भी दूध और छेना से बनती हैं. गर्मी में इनकी शेल्फ लाइफ काफी कम होती है.

7. पेड़ा

मथुरा, बनारस या बिहार के कई इलाकों में मिलने वाला पेड़ा स्वादिष्ट जरूर होता है, लेकिन गर्मी में खुले में रखा पेड़ा जल्दी खराब हो सकता है.

8. बर्फी (खोया वाली)

काजू बर्फी अपेक्षाकृत अधिक टिकाऊ हो सकती है, लेकिन खोया बर्फी, दूध बर्फी और नारियल-दूध वाली बर्फी गर्मी में जल्दी खराब हो जाती हैं.

9. छेना आधारित मिठाइयां

राजभोग, संदेश, छेना टोस्ट और अन्य छेना वाली मिठाइयों को हमेशा ठंडा रखकर ही खाना चाहिए.

10. लड्डू जिनमें दूध या मावा मिला हो

मावा लड्डू या दूध वाले लड्डू गर्मी में लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहते.

यूपी-बिहार में क्यों बढ़ जाता है खतरा?

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में मई-जून के दौरान तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है. ऐसे में यदि मिठाइयां फ्रिज के बजाय दुकान में कई घंटे तक बाहर रखी रहें तो उनमें बैक्टीरिया और फफूंद तेजी से बढ़ सकते हैं. यही वजह है कि गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ जाते हैं.

किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

छोटे बच्चे
बुजुर्ग
गर्भवती महिलाएं
डायबिटीज के मरीज
कमजोर इम्युनिटी वाले लोग

इन लोगों में खराब मिठाई खाने के बाद संक्रमण का असर अधिक गंभीर हो सकता है.

गर्मी में कौन-सी मिठाइयां अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती हैं?

बेसन के लड्डू
सूखे मेवे के लड्डू
तिल के लड्डू
गुड़ और ड्राई फ्रूट से बनी मिठाइयां
वैक्यूम पैक या अच्छी तरह पैक की गई ब्रांडेड मिठाइयां (एक्सपायरी डेट देखकर)

खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

मिठाई हमेशा ऐसी दुकान से खरीदें जहां रेफ्रिजरेशन की उचित व्यवस्था हो.
खुले में रखी मिठाई खरीदने से बचें.
पैक्ड मिठाई की निर्माण और एक्सपायरी डेट जरूर देखें.
घर लाने के बाद दूध या खोया वाली मिठाइयों को तुरंत फ्रिज में रखें.
यदि मिठाई से खट्टी गंध आए, रंग बदला हुआ लगे या स्वाद सामान्य न हो तो उसे बिल्कुल न खाएं.



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