Homemade sevaiyan (vermicelli) recipe: ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाएं पारंपरिक तरीके से हाथों या मशीन (सांचे) की मदद से सेवइयां तैयार करती हैं. सेवइयां बनाने के लिए गेहूं के आटे को सख्त गूंथकर पतली-पतली धारियों में ढाला जाता है, फिर इन्हें 2-3 दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है. पूरी तरह सूखने के बाद इन्हें सालभर के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है. खास बात ये कि इन देसी सेवइयों में किसी तरह के केमिकल या बाजारू मसालों का इस्तेमाल नहीं होता. सादगी, परंपरा और सेहत का यह अनोखा मेल इन्हें और खास बनाता है. आदिवासी बाहुल्य गांवों में यह परंपरा आज भी जीवित है, हालांकि, बाजार में मशीन से बनी सेवइयों की बढ़ती उपलब्धता ने इसे कुछ हद तक प्रभावित जरूर किया है. हाथ से बनी गेहूं की सेवइयां पोषण के लिहाज से भी काफी लाभकारी होती हैं. इनमें प्रोटीन और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इन्हें मीठी खीर या नमकीन उपमा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे हर बार एक अलग स्वाद का अनुभव मिलता है.