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Gulab Jamun Recipe: गुलाब जामुन को सॉफ्ट बनाने के लिए आटा ज्यादा गूंधना नहीं चाहिए. स्मूद और बिना दरार वाले छोटे गोले बनाना जरूरी है. धीमी आंच पर तलने से जामुन अंदर तक अच्छे से पकते हैं. हल्की गरम चाशनी में डालने से जामुन अच्छे से रस सोखते हैं. सही खोया या मिल्क पाउडर इस्तेमाल करना सबसे जरूरी है.
Gulab Jamun Recipe: त्योहार आते ही सबसे पहले जो मिठाई दिमाग में आती है, वह है गुलाब जामुन. गर्मागर्म, रस से भरे और मुंह में जाते ही घुल जाने वाले ये छोटे-छोटे गोले हर किसी के दिल के करीब होते हैं. लेकिन जब हम इन्हें घर पर बनाने की कोशिश करते हैं, तो कई बार ये सॉफ्ट और स्पंजी बनने की बजाय सख्त और अंदर से कच्चे रह जाते हैं. ऐसे में मन भी खराब हो जाता है और मेहनत भी बेकार लगती है. असल में गुलाब जामुन बनाना मुश्किल नहीं है, बस सही तरीका और थोड़ी समझ होना जरूरी है.
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर के गुलाब जामुन बिल्कुल हलवाई जैसे मुलायम बनें, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होगा. यहां हम आपको ऐसे आसान और काम के टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप हर बार परफेक्ट गुलाब जामुन बना सकते हैं और अपने परिवार व मेहमानों को खुश कर सकते हैं.
आटा ज्यादा मत गूंधें, रखें हल्का और सॉफ्ट: गुलाब जामुन का असली राज उसके आटे में छिपा होता है. जब आप खोया या मिल्क पाउडर से आटा बनाते हैं, तो उसे ज्यादा देर तक गूंधना नहीं चाहिए. ज्यादा गूंधने से आटा टाइट हो जाता है और जामुन सख्त बनते हैं. इसलिए हमेशा आटे को हल्के हाथ से मिलाएं और बस इतना गूंधें कि सब चीजें अच्छे से मिल जाएं. इसके बाद 10 से 15 मिनट के लिए आटे को ढककर रख दें ताकि वह सेट हो जाए और सॉफ्ट टेक्सचर दे.
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स्मूद और बिना दरार वाले छोटे गोले बनाएं: जब आप जामुन के गोले बनाएं, तो ध्यान रखें कि उन पर कोई दरार न हो. अगर गोले में क्रैक होंगे, तो तलते समय वह टूट सकते हैं या ठीक से नहीं पकेंगे. छोटे और एक जैसे साइज के गोले बनाएं ताकि वे बराबर पकें. अगर आटा सूखा लगे, तो हाथों पर थोड़ा दूध या घी लगाकर गोले बनाएं. इससे गोले स्मूद बनेंगे और जामुन अंदर तक नरम रहेंगे.
धीमी आंच पर तलना है सबसे जरूरी: गुलाब जामुन तलते समय सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि तेल या घी बहुत ज्यादा गर्म कर देते हैं. इससे जामुन बाहर से जल्दी ब्राउन हो जाते हैं लेकिन अंदर से कच्चे रह जाते हैं. बाद में यही जामुन सख्त हो जाते हैं. इसलिए हमेशा मीडियम से लो आंच पर धीरे-धीरे तलें और उन्हें लगातार घुमाते रहें ताकि चारों तरफ से एक जैसा रंग आए. यही तरीका उन्हें अंदर तक सॉफ्ट और अच्छी तरह पका हुआ बनाता है.
चाशनी को सही तापमान पर रखें: गुलाब जामुन का स्वाद उसकी चाशनी से आता है. चाशनी ना बहुत ज्यादा गरम होनी चाहिए और ना ठंडी. अगर चाशनी बहुत गरम होगी, तो जामुन बाहर से सख्त हो जाएंगे और अगर ठंडी होगी, तो जामुन उसमें रस नहीं सोख पाएंगे. सही तरीका यह है कि चाशनी हल्की गरम रहे. जामुन तलकर सीधे चाशनी में डालें और कम से कम 2 घंटे तक उन्हें उसमें डूबा रहने दें ताकि वह अंदर तक रस से भर जाएं.
सही खोया या मिल्क पाउडर का इस्तेमाल करें: अगर आप खोया इस्तेमाल कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि वह सॉफ्ट और चिकना होना चाहिए. सूखा या दानेदार खोया जामुन को सख्त बना देता है. अगर मिल्क पाउडर से बना रहे हैं, तो उसमें थोड़ा दूध और घी मिलाकर आटा तैयार करें ताकि वह मुलायम बने. यही छोटी सी चीज आपके जामुन का पूरा स्वाद बदल देती है.
अगर जामुन सख्त हो जाएं तो क्या करें: कई बार सारी कोशिश के बाद भी जामुन थोड़े सख्त बन जाते हैं. ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप उन्हें थोड़ी देर और गरम चाशनी में भिगोकर रख सकते हैं. चाहें तो चाशनी में थोड़ा सा गरम पानी या दूध मिला सकते हैं. सर्व करने से पहले 10 से 15 सेकंड माइक्रोवेव में गर्म करने से भी जामुन थोड़े सॉफ्ट हो जाते हैं.
इन गलतियों से जरूर बचें: गुलाब जामुन बनाते समय कुछ आम गलतियां होती हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बहुत ज्यादा गर्म तेल में तलना, ठंडी चाशनी में डालना, आटे को ज्यादा गूंधना और गोले बनाते समय दरार छोड़ना, ये सभी चीजें आपके जामुन को खराब कर सकती हैं. इसलिए हर स्टेप को ध्यान से करें और जल्दबाजी से बचें.