Tea Adulteration Test At Home : भारत में सुबह की शुरुआत बिना चाय के अधूरी मानी जाती है. चाहे थकान मिटानी हो या मेहमानों का स्वागत करना हो, एक प्याली चाय हर मर्ज की दवा बन जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चाय की चुस्की आप बड़े चाव से ले रहे हैं, वह आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक भी हो सकती है? आजकल मुनाफे के चक्कर में चाय पत्ती में लोहे के बारीक कण (Iron Fillings) और हानिकारक कृत्रिम रंगों की मिलावट धड़ल्ले से की जा रही है. यह मिलावट न केवल स्वाद बिगाड़ती है, बल्कि शरीर के अंगों को भी नुकसान पहुँचा सकती है. इसीलिए, एक जागरूक चाय प्रेमी के तौर पर आपको यह पता होना चाहिए कि आपकी चाय कितनी शुद्ध है. आइए जानते हैं FSSAI द्वारा सुझाए गए उन आसान तरीकों के बारे में, जिनसे आप घर बैठे चाय की शुद्धता परख सकते हैं.

चाय में मिलावट
चाय में मिलावट मुख्य रूप से दो कारणों से की जाती है: वजन बढ़ाने के लिए और रंग को गहरा दिखाने के लिए. कम गुणवत्ता वाली या इस्तेमाल की हुई चाय की पत्तियों को सुखाकर उनमें लोहे का बुरादा मिला दिया जाता है ताकि वजन बढ़ जाए. वहीं, चाय को ‘कड़क’ और रंगीन दिखाने के लिए सिंथेटिक रंगों का लेप चढ़ाया जाता है. यह मिलावट इतनी बारीकी से की जाती है कि इसे केवल देखकर पहचानना मुश्किल है.

1.चुंबक टेस्ट: लोहे के कणों को ऐसे पकड़ें
लोहे के कण चाय में सबसे आम और खतरनाक मिलावट हैं. इसे जांचने के लिए आपको बस एक साधारण चुंबक (Magnet) की जरूरत है. इसके लिए एक साफ सफेद कागज या प्लेट पर दो-तीन चम्मच चाय पत्ती फैला लें. अब एक चुंबक लें और उसे चाय की पत्तियों के बहुत करीब ले जाकर घुमाएं.

नतीजा: अगर चाय शुद्ध है, तो वह चुंबक से बिल्कुल नहीं चिपकेगी. लेकिन अगर चाय में लोहे का बुरादा मिलाया गया है, तो छोटे-छोटे काले कण तुरंत चुंबक की ओर खिंच आएंगे. यह इस बात का सीधा सबूत है कि चाय मिलावटी है.

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2. फिल्टर पेपर टेस्ट: नकली रंगों का पर्दाफाश
अक्सर पुरानी चाय को नया जैसा दिखाने के लिए उस पर गहरे रंगों की कोटिंग की जाती है. इसकी जांच ठंडे पानी और फिल्टर पेपर से की जा सकती है. इसके लिए एक फिल्टर पेपर या साधारण सफेद टिश्यू पेपर लें. उस पर थोड़ी सी चाय पत्ती रखें और ऊपर से पानी की कुछ बूंदें डालें. इसे एक मिनट के लिए छोड़ दें. उसके बाद पत्तियों को हटाकर पेपर को रोशनी में देखें.

नतीजा: असली चाय पत्ती ठंडे पानी में तुरंत रंग नहीं छोड़ती. यदि कागज पर गहरे भूरे या काले रंग के धब्बे तुरंत फैल गए हैं, तो समझ लीजिए कि इसमें आर्टिफिशियल कलर मिलाया गया है.

सेहत पर क्या होता है असर?
लगातार मिलावटी चाय पीने से पाचन तंत्र खराब हो सकता है. लोहे के कण पेट में जाकर आंतरिक चोट या इन्फेक्शन पैदा कर सकते हैं. वहीं, सिंथेटिक रंग लिवर और किडनी पर बुरा प्रभाव डालते हैं. कुछ रंगों को तो कैंसरकारी भी माना गया है.

कैसे रहें सुरक्षित?
मिलावट से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप हमेशा भरोसेमंद ब्रांड की ही चाय खरीदें. पैकेट पर FSSAI का लोगो और लाइसेंस नंबर जरूर चेक करें. बहुत ज्यादा सस्ती या खुली बिकने वाली चाय खरीदने से बचें, क्योंकि इनमें मिलावट की संभावना सबसे अधिक होती है. इसके अलावा, समय-समय पर ऊपर बताए गए टेस्ट घर पर करते रहें ताकि आपका स्वास्थ्य सुरक्षित रहे.



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