भारतीय थाली की तरह ही चावल जापानी कुजीन का भी अहम हिस्सा है. लेकिन यहां चावल को बहुत ही अलग तरीके से बनाया जाता है, जिससे स्वाद, सुगंध के साथ परफेक्ट टेक्सचर आता है. जापान में स्वादिष्ट और मुलायम चावल बनाने का राज सिर्फ अच्छे चावल चुनने में नहीं, बल्कि उन्हें सही तरीके से धोने, भिगोने और पकाने में छिपा है.

यहां पारंपरिक तकनीकें चावल के स्वाद और बनावट को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. आज भले ही अधिकांश जापानी घरों में मॉर्डन राइस कुकर का इस्तेमाल होता हो, लेकिन कई पारंपरिक तरीके अब भी लोकप्रिय हैं. इन तरीकों से बने चावल का स्वाद, खुशबू और टेक्सचर अलग ही निकल कर आता है. आइए जानते हैं जापान में चावल पकाने के चार तरीकों के बारे में और यह भी कि उन्हें इतना खास क्यों माना जाता है.

इलेक्ट्रिक राइस कुकर
आज के समय में जापान में चावल पकाने का सबसे आम तरीका इलेक्ट्रिक राइस कुकर है. यह मशीन टेंपरेचर, भाप और रेस्टिंग के समय को अपने आप कंट्रोल करती है, जिससे चावल समान रूप से पकते हैं. आधुनिक राइस कुकर में अलग-अलग प्रकार के चावल, खिचड़ी और मिक्स्ड राइस बनाने के विकल्प भी मिलते हैं. यही वजह है कि यह लगभग हर जापानी घर का जरूरी हिस्सा बन चुका है.

डोनाबे
डोनाबे एक पारंपरिक जापानी मिट्टी का बर्तन है, जिसका उपयोग खास स्वाद वाले चावल बनाने के लिए किया जाता है. इसकी मोटी मिट्टी की दीवारें गर्मी को धीरे-धीरे और समान रूप से फैलाती हैं, जिससे हर दाना अच्छी तरह पकता है. डोनाबे में पकाए गए चावल के नीचे हल्की कुरकुरी परत बन जाती है, जिसे “ओकोगे” कहा जाता है. यह परत चावल में हल्का स्मोकी स्वाद और अलग से टेक्सचर जोड़ती है.

हगामा
बिजली से चलने वाले डिवाइस आने से पहले जापानी लोग हगामा नामक भारी लोहे के बर्तन में चावल पकाते थे. इसे पारंपरिक चूल्हे पर रखा जाता था और पकाने के दौरान आंच को सावधानी से कंट्रोल किया जाता था. इस तरीके से बने चावल चमकदार, मीठे स्वाद वाले और अलग-अलग दानों वाले होते हैं. आज भी कई पारंपरिक रेस्तरां इसी विधि का इस्तेमाल करते हैं.

कमाडो
कमाडो जापान का सबसे पुराना चावल पकाने का तरीका माना जाता है. यह लकड़ी या कोयले से चलने वाला पारंपरिक चूल्हा होता है, जिस पर हगामा बर्तन रखा जाता है. आग की गर्मी को कंट्रोल करके चावल पकाए जाते हैं. इस विधि से बने चावल में विशेष खुशबू, गहरा स्वाद और हल्की सख्त बनावट होती है, जिसे कई शेफ सबसे बेहतरीन मानते हैं.

तैयारी भी है उतनी ही जरूरी
जापानी विशेषज्ञों का मानना है कि चावल पकाने का बर्तन जितना जरूरी है, उतनी ही महत्वपूर्ण उसकी तैयारी भी है. चावल को सही मात्रा में नापना, हल्के हाथों से धोना, 30 से 60 मिनट तक भिगोना और पकने के बाद कुछ देर आराम देना बेहद जरूरी माना जाता है. इन आसान चरणों से चावल का स्वाद, मिठास और बनावट बेहतर होती है तथा हर दाना समान रूप से पकता है.



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