Jabalpur Famous Samosa: जबलपुर के गढ़ा त्रिपुरी चौक पर आनंद कुमार कोष्ठा की मेहनत और संघर्ष की कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है. बचपन में दूसरों की दुकानों पर 1 रुपये का समोसा खाने वाले आनंद ने कभी अपना कारोबार शुरू करने का सपना देखा था. पढ़ाई के साथ उन्होंने दुकान और होटल का काम संभाला. समय के साथ 1 रुपये का समोसा 2, 5 और अब 10 रुपये का हो गया, लेकिन स्वाद और गुणवत्ता आज भी बरकरार है. कारोबार के दौरान एक समय गैस की भारी किल्लत के कारण दुकान करीब एक सप्ताह बंद करनी पड़ी. आनंद ने हार नहीं मानी और पारंपरिक भट्टी पर समोसे बनाना शुरू किया. भट्टी के समोसों का स्वाद ग्राहकों को इतना पसंद आया कि गैस की समस्या खत्म होने के बाद भी उन्होंने भट्टी का इस्तेमाल जारी रखा. आज आनंद एक बार में करीब 300 और रोजाना 4 से 5 हजार समोसे तैयार करते हैं. उनकी दुकान से 15 से 20 परिवारों का रोजगार भी जुड़ा है. ग्राहकों के मुताबिक, 10 रुपये का स्वादिष्ट समोसा और खास खटाई आज भी उन्हें यहां बार-बार आने के लिए मजबूर करती है.