सीतामढ़ी. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहतमंद और स्वादिष्ट भोजन का चयन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है. खासकर जब घर में बच्चे बीमार हों या बुजुर्गों के लिए कुछ हल्का और सुपाच्य बनाना हो, तो समझ नहीं आता कि क्या खास तैयार किया जाए. इसी बात को ध्यान में रखते हुए गृहिणी खुशबू कुमारी ने एक बेहद खास और पारंपरिक जैन रेसिपी साझा की है.
उन्होंने कच्चे पपीते की एक ऐसी शानदार सब्जी बनाने का तरीका बताया है, जो न केवल खाने में बेहद लजीज है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी अमृत समान मानी जाती है. खुशबू जी के अनुसार, यह सब्जी उनके मायके में अक्सर बना करती थी और बचपन की इन यादों को उन्होंने आज एक बेहद आसान और नए अंदाज में सबके सामने पेश किया है.
बीज और बीच का सफेद हिस्सा हटा दें
कच्चे पपीते की इस जैन सब्जी को बनाने की शुरुआत इसकी बेहद सरल तैयारी से होती है. सबसे पहले एक छोटे या मध्यम आकार का कच्चा पपीता लेकर उसे अच्छी तरह से छील लिया जाता है. छीलने के बाद पपीते के लंबे स्लाइस काटकर उसके अंदरूनी सफेद हिस्से या बीजों वाले भाग को पूरी तरह से साफ कर दिया जाता है.
इसके बाद इसे आलू के टुकड़ों की तरह छोटे-छोटे चौकोर आकारों में काट लिया जाता है. खुशबू जी बताती हैं कि इसके साथ ही दो हरी मिर्च को लंबाई में काट लें और थोड़े से अदरक को कद्दूकस करके पहले से ही तैयार रख लें, ताकि कुकिंग के समय आसानी हो.
लगाएं इन मसालों का छौंक
सब्जी बनाने की मुख्य प्रक्रिया में सबसे पहले गैस पर एक कढ़ाई चढ़ाई जाती है. इसमें थोड़े से कुकिंग ऑयल या स्वादानुसार देसी घी को गर्म किया जाता है. तड़के के लिए इसमें जीरा, कलौंजी, हींग, मेथी के दाने, सौंफ और एक सूखी लाल मिर्च डाली जाती है. जब ये मसाले अच्छे से चटक जाएं और इनका रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब इसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर थोड़ा भूनते हैं.
बेसिक मसाले पड़ते हैं
इसके तुरंत बाद कटे हुए पपीते और हरी मिर्च को कढ़ाई में डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. फिर इसमें बेसिक मसाले जैसे स्वादानुसार नमक, चौथाई चम्मच हल्दी, एक चम्मच धनिया पाउडर और आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालकर एक मिनट तक अच्छे से भूना जाता है, ताकि मसाले पपीते पर अच्छे से कोट हो जाएं. इसके बाद एक कटोरी पानी डालकर सब्जी को ढककर 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दिया जाता है.
चुटकी भर चीनी का कमाल
अंतिम चरण में जब पपीता अच्छी तरह गलकर पक जाता है, तब इस सब्जी को चटपटा और खुशबूदार बनाने के लिए कुछ खास मसाले ऊपर से मिलाए जाते हैं. खुशबू जी के मुताबिक, सब्जी पकने के बाद इसमें थोड़ा सा काला नमक, गरम मसाला, चाट मसाला और खटास के लिए आमचूर पाउडर (या नींबू का रस) मिलाया जाता है.
इसके स्वाद को पूरी तरह से संतुलित और बेहतर करने के लिए इसमें एक चुटकी चीनी भी डाली जाती है. आखिर में ताजे कटे हुए हरे धनिए से गार्निश करके इसे गर्मागर्म रोटी, परांठे या चावल के साथ परोसा जा सकता है. यह जैन रेसिपी स्वाद में जितनी बेमिसाल है, पाचन के लिए भी उतनी ही फायदेमंद है.