गुजराती थेपला एक पारंपरिक और बेहद स्वादिष्ट डिश है, जो नाश्ते, टिफिन या यात्रा के दौरान खाने के लिए बहुत ही पसंद की जाती है. यह नरम, मसालेदार और हल्का-सा कुरकुरा होता है, जिसे खासतौर पर मेथी के पत्तों से बनाया जाता है. स्वाद के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है.

आवश्यक सामग्री
गेहूं का आटा – 2 कप
बेसन – ½ कप
ताजी मेथी पत्तियां – 1 कप (बारीक कटी हुई)
दही – 2-3 चम्मच
अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट – 1 चम्मच
हल्दी पाउडर – ½ चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – ½ चम्मच
धनिया पाउडर – 1 चम्मच
जीरा पाउडर – ½ चम्मच
नमक – स्वादानुसार
तेल – 2 चम्मच (आटा गूंथने के लिए)
पानी – जरूरत अनुसार

बनाने की विधि
1. आटा तैयार करें
एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा और बेसन डालें. इसमें कटी हुई मेथी, दही, अदरक-हरी मिर्च पेस्ट और सभी मसाले डालें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए नरम आटा गूंथ लें. अंत में थोड़ा तेल डालकर आटे को चिकना करें और 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें.

2. थेपला बेलें
अब आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं. एक लोई लें और बेलन की मदद से पतला रोटी जैसा बेल लें. ध्यान रखें कि थेपला ज्यादा मोटा न हो, इससे पकाने में आसानी होती है और स्वाद भी बेहतर आता है.

3. तवे पर सेकें
मध्यम आंच पर तवा गरम करें और उस पर थेपला डालें. जब एक तरफ हल्के भूरे धब्बे आ जाएं, तो पलट दें. थोड़ी-सी तेल या घी लगाकर दूसरी तरफ भी अच्छी तरह सेकें. दोनों तरफ से सुनहरा और हल्का कुरकुरा होने तक पकाएं.

4. सर्व करें
तैयार थेपलों को गरमा-गरम दही, अचार या चटनी के साथ परोसें. यात्रा के लिए पैक करना हो तो इन्हें ठंडा करके रखें, ताकि ये लंबे समय तक सॉफ्ट बने रहें.

सेहत के फायदे
गुजराती थेपला न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि पौष्टिक भी होता है.
मेथी में आयरन और फाइबर भरपूर होता है, जो पाचन सुधारता है.
गेहूं का आटा ऊर्जा देता है और पेट भरा रखता है.
दही से प्रोटीन और अच्छे बैक्टीरिया मिलते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद हैं.

टिप्स
अगर मेथी उपलब्ध न हो, तो पालक या लौकी मिलाकर भी थेपला बनाया जा सकता है.
हल्की मिठास पसंद हो तो आटे में 1 चम्मच गुड़ मिला सकते हैं.
थेपला लंबे समय तक नरम रखने के लिए आटे में थोड़ा सा दूध भी मिला सकते हैं.



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