भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का आगाज होने वाला है। इस बीच टीम इंडिया की कप्तानी एक बार फिर से श्रेयस अय्यर संभालते हुए नजर आएंगे, जो इस वक्त सवालों के घेरे में हैं। ये श्रेयस की बतौर कप्तान तीसरी सीरीज होगी, लेकिन अब तक वे सीरीज तो छोड़िए, एक मैच नहीं जीत पाए हैं। क्या जिम्बाब्वे में उनका खाता खुलेगा, ये देखना काफी दिलचस्प होगा। इस बीच उनके सामने बड़ी चुनौती है और उन्हें एक तरह से अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा।
टी20 विश्व कप 2026 के बाद अचानक श्रेयस अय्यर बन गए टीम इंडिया के कप्तान
श्रेयस अय्यर को आईपीएल 2026 के बाद अचानक टीम की कमान दे दी गई, जबकि इससे पहले सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की थी। खास बात ये है कि श्रेयस इससे पहले करीब तीन साल तक भारत की टी20 टीम से बाहर रहे, लेकिन ना केवल उनकी अचानक एंट्री कराई जाती है, बल्कि विश्व विजेता टीम की कमान सौंप दी गई। इसके बाद से टीम इंडिया एक अदद जीत के लिए तरस रही है। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया का पहले आयरलैंड में सूपड़ा साफ हुआ और इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी हार का ही मुंह देखना पड़ा। इंग्लैंड में एक मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, नहीं तो वहां भी सभी मैच हार गए होते।
पिछले 13 में से केवल एक ही मैच जीत पाए हैं कप्तान श्रेयस अय्यर
इससे पहले श्रेयस आईपीएल में अपनी टीम पंजाब किंग्स के कप्तान रहे हैं। आईपीएल के पिछले सीजन में पंजाब की टीम ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन अचानक गाड़ी ऐसी पटरी से उतरी कि वापस आ ही नहीं पाई। बीच आईपीएल की बात करें तो पिछले 13 टी20 मैचों में से श्रेयस केवल एक ही मैच जीत पाए हैं और एक में जीत मिली है। कप्तान लगातार छह मैच हार चुके हैं। ये बात सही है कि श्रेयस की कप्तानी सवालों के घेरे में है, लेकिन वे बल्लेबाजी ठीक कर रहे हैं, ये कम से कम उनके लिए राहत की बात है।
बल्लेबाजी में चल रहा है श्रेयस का बल्ला, ये राहत की बात
इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों में श्रेयस ने कुल मिलाकर 218 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 157.97 का रहा, जिसे अच्छा कहा जा सकता है। लेकिन अब उन्हें केवल रन बनाकर चुप नहीं रहना होगा। टीम कैसा खेल दिखाती है, इसकी भी जिम्मेदारी कप्तान पर ही आने वाली है। हालांकि पिछली सीरीज से टीम काफी बदल गई है। देखना होगा कि टीम कैसा खेल दिखाती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि कम से कम अब तो जाकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया का खाता खुल जाए।
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