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Patod ki Sabji Besan ki Chakki Recipe: भीलवाड़ा की फूड एक्सपर्ट पूजा कुमारी सांखला ने पनीर को टक्कर देने वाली पारंपरिक पतोड़ की सब्जी (बेसन की चक्की) की आसान रेसिपी साझा की है. यह डिश कम मेहनत और घर में उपलब्ध साधारण सामग्री जैसे बेसन और मसालों से तैयार की जा सकती है. बेसन के घोल को भाप में पकाकर चक्की बनाई जाती है और फिर इसे मसालेदार ग्रेवी में तैयार किया जाता है. स्वाद के साथ-साथ यह सब्जी प्रोटीन से भरपूर और पौष्टिक भी है. कम बजट में रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाने के लिए यह भीलवाड़ा की एक खास और पसंदीदा रेसिपी है जिसे रोटी या चावल के साथ बड़े चाव से खाया जाता है. यह राजस्थानी जायका हर दावत की शान बढ़ाने में सक्षम है.

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भीलवाड़ा. अक्सर किसी खास मौके, उत्सव या दावत के दौरान घरों में सबसे पहले पनीर की सब्जी बनाने का विचार आता है, लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा में एक ऐसी पारंपरिक डिश लोकप्रिय है जो स्वाद में पनीर को भी मात दे सकती है. इसे ‘पतोड़ की सब्जी’ या ‘बेसन की चक्की की सब्जी’ कहा जाता है. यह सब्जी स्वाद और सादगी का एक ऐसा बेहतरीन मेल है जो कम मेहनत और बेहद कम समय में तैयार हो जाती है. भीलवाड़ा की गृहणी और फूड रेसिपी एक्सपर्ट पूजा कुमारी सांखला के अनुसार यह डिश उन लोगों के लिए एक परफेक्ट विकल्प है जो रोजमर्रा के बोरियत भरे खाने से हटकर कुछ नया और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं. बेसन से बनी मुलायम चक्कियाँ जब मसालेदार दही वाली ग्रेवी में पकती हैं, तो इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है.

पूजा कुमारी सांखला ने लोकल 18 से विशेष बातचीत करते हुए बताया कि हर घर में मेहमानों के आने पर कुछ खास बनाने की चाह होती है, लेकिन समय और अत्यधिक मेहनत की कमी के कारण लोग अक्सर साधारण विकल्प ही चुनते हैं. ऐसे में पतोड़ की सब्जी एक वरदान की तरह है. यह सब्जी न केवल कम सामग्री में बन जाती है, बल्कि इसका स्वाद किसी बड़े रेस्टोरेंट की महंगी डिश से कम नहीं होता. इसकी ग्रेवी को मसालों से भरपूर बनाया जाता है जो बेसन की चक्की के साथ मिलकर खाने का मजा दोगुना कर देती है. यह राजस्थानी संस्कृति का वह हिस्सा है जो अब आधुनिक किचन में भी अपनी जगह बना रहा है.

बेसन की चक्की बनाने की आसान विधि
इस डिश को तैयार करने की विधि बहुत ही सरल है. सबसे पहले बेसन में स्वादानुसार नमक, हल्दी, लाल मिर्च और कुछ सूखे मसाले मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इस घोल को भाप (Steam) में पकाकर एक ठोस रूप दिया जाता है, जिसे बाद में पनीर के टुकड़ों की तरह छोटी-छोटी चक्कियों में काट लिया जाता है. इसके बाद एक कड़ाही में तेल गरम करके जीरा, हींग और पारंपरिक मसालों का तड़का लगाया जाता है. तैयार की गई ग्रेवी में इन बेसन के टुकड़ों को डालकर कुछ देर तक पकाया जाता है ताकि मसाले चक्कियों के अंदर तक समा जाएं. इस सब्जी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें किसी भी महंगी सामग्री की आवश्यकता नहीं होती और यह घर में मौजूद बेसिक मसालों से तैयार हो जाती है.

पौष्टिकता और स्वास्थ्य का ध्यान
स्वाद के अलावा पतोड़ की सब्जी सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद मानी जाती है. पूजा कुमारी बताती हैं कि बेसन प्रोटीन का एक बहुत अच्छा स्रोत है, इसलिए यह डिश स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है. कम तेल और भाप में पकाने की तकनीक के कारण यह सुपाच्य होती है. इसे रोटी, परांठा या चावल के साथ परोसा जा सकता है और यह पूरे परिवार को समान रूप से पसंद आती है. कम बजट में एक शानदार और राजस्थानी जायके वाली दावत तैयार करने के लिए पतोड़ की सब्जी से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें



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