How to make GulGula: क्या आपने कभी बघेलखंड के मशहूर गुलगुले का स्वाद चखा है? इसके स्वाद के आगे महंगे डेजर्ट जैसे केक-पेस्ट्री भी फेल हो जाते हैं. पहले-पहले लोग पहले जन्मदिन, नामकरण, पूजा-पाठ और अन्य शुभ अवसरों पर केक की जगह घरों में गुलगुले बनाए जाते थे. यह संस्कृति से जुड़ा हुआ है. लोगों का मानना है कि इसे घर में बनाने से सुख समृद्धि आती है. इस वीडियो में स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी ने घर पर बाहर से बेहद कुरकुरे और अंदर से रूई जैसे नरम-जालीदार गुलगुले बनाने का वो पारंपरिक तरीका शेयर किया है, जो आज भी गांवों से लेकर शहरों तक सुपरहिट है. यह गुड़ के गुनगुने पानी, गेहूं के आटे, इलायची और सौंफ के जादुई मेल से तैयार होता है. यह पकवान स्वाद में किसी महंगी मिठाई से कम नहीं लगता. इस वीडियो में देखिए कि आखिर क्यों गुलगुला सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि लोगों की यादों और संस्कृति का हिस्सा है और कैसे इसे आसान तरीके से बना सकते हैं.