नॉनवेज आइटम्स में सबसे ज्यादा लोग मटन, चिनक और मछली का सेवन करते हैं. खासकर, भारत में जो लोग मांसाहारी हैं, वे इन तीनों नॉनवेज फूड्स को अधिक खाना पसंद करते हैं. सी फूड वे लोग अधिक खाते हैं, जो देश के कोस्टल इलाके में रहते हैं. चिकन, मटन हो या फिर मछली, ये सभी प्रोटीन से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन के अलावा भी कई ऐसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं. हालांकि, हर किसी की अपनी-अपनी पसंद होती है, कोई चिकन खूब खाता है, तो किसी को मछली अच्छी लगती है. वहीं, कुछ लोग मटन खाने के शौकीन होते हैं. लेकिन, ये जितने फायदेमंद होते हैं, उतने ही इनके सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. लेकिन, ये भी जानना जरूरी है कि आखिर मटन, चिकन और मछली में अधिक नुकसान किसे खाने से सेहत को हो सकता है? किन लोगों को कौन सा नॉनवेज कम खाना चाहिए?

मटन, चिकन और मछली में कौन अधिक नुकसानदायक?
मटन, चिकन या मछली तीनों प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं. इनके रेगुलर सेवन से आपकी प्रोटीन की कमी कभी नहीं होगी. लेकिन, सेहत पर इनके सेवन से असर भी अलग-अलग होते हैं. तीनों में कौन से अधिक नुकसानदायक होते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह से सेवन करते हैं, कितनी बार करते हैं और कितनी मात्रा में करते हैं.

मटन (Mutton) क्यों नुकसानदायक माना जाता है?
दरअसल, मटन में सबसे ज्यादा सैचुरेटेड फैट होता है, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है. इसे आप अधिक मात्रा में खाते हैं तो हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ सकता है. मटन में चिकन से अधिक संतृप्त वसा और वसा होती है. यदि आप रेगुलर मटन खाते हैं तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर होने का जोखिम अधिक बढ़ जाता है. इससे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है. WHO के अनुसार, जब रेड मीट को ग्रिल किया जाता है या फिर हाई टेम्परेचर पर तलते हैं तो हेटेरोसाइक्लिक एमाइन उत्पन्न करता है. यह कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है. अधिक मटन खाने से वजन भी बढ़ सकता है. कुछ रिसर्च की मानें तो इससे आंतों के कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज से भी जोड़ा गया है. बहुत अधिक तला हुआ, मसालेदार, ऑयली मटन खाने से भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. प्रोसेस्ड मीट (जैसे सॉसेज, सलामी) भी कम ही खाएं. मटन प्रोटीन के साथ ही आयरन, विटामिन बी12 का भी अच्छा स्रोत है. जिन लोगों को एनीमिया, कमजोरी, थकान बनी रहती है, उनके लिए मटन खाना लाभदायक हो सकता है.

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चिकन (Chicken) मटन से थोड़ा बेहतर क्यों माना जाता है?
मटन की तुलना में चिकन में कम फैट और कम सैचुरेटेड फैट होता है. साथ ही इसमें अधिक लीन प्रोटीन होता है, जो बॉडी बिल्डिंग और वजन नियंत्रण में लाभदायक माना जाता है. हालांकि, जब आप बहुत अधिक डीप फ्राई, प्रॉसेस्ड चिकन जैसे नगेट्स, सॉसेज, अधिक तेल और नमक में पका हुआ चिकन खाने से वजन बढ़ सकता है. अधपका चिकन आदि खाने से बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. चिकन खाने का बेस्ट तरीका है कि आप इसे बिना स्किन (skinless) खाएं. चिकन ब्रेस्ट सबसे बेहतर माना जाता है. चिकन की स्किन में फैट सबसे अधिक होता है.

मछली (Fish) होती है सबसे हेल्दी?
काफी लोगों को चिकन, मटन से अधिक पसंद आती है मछली. यह ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, लो सैचुरेटेड फैट से भरपूर होती है. कई तरह की मछलियां होती हैं और सभी का स्वाद अलग होता है. लेकिन मछली, चिकन और मटन से कहीं अधिक फायदेमंद मानी जाती है. इसमें सैचुरेटेड फैट, फैट मटन, चिकन के मुकाबले बेहद ही कम होता है. Omega-3 दिल और दिमाग के लिए लाभकारी माना जाता है. मछली यदि आप बहुत अधिक डीप फ्राई खाते हैं तो नुकसान हो सकता है. प्रदूषित पानी की बड़ी मछलियों को खाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इनमें mercury (पारा) अधिक हो सकता है. ज्यादा नमक वाली सूखी या प्रोसेस्ड मछली को भी कम ही खाएं. गर्भवती महिलाओं को कुछ बड़ी समुद्री मछलियों को खाने से बचना चाहिए.

तीनों में सबसे ज्यादा नुकसानदायक कौन?
सामान्य रूप से देखा जाए तो मटन अधिक नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है. मटन हमेशा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. चिकन से मटन की तुलना में कम नुकसान होता है. यदि सही प्रकार और तरीके से खाई जाए तो मछली सबसे कम नुकसान पहुंचाती है. इसे सबसे हेल्दी माना जाता है. ग्रिल्ड/उबली हुई मछली अधिक हेल्दी होती है. चिकन कम तेल में बना और बिना स्किन वाला चिकन खाना हेल्दी है.

खाने का सुरक्षित तरीका
आप इन नॉनवेज आइटम्स को डीप फ्राई करने से बचें. कम तेल और कम नमक का इस्तेमाल करें. प्रोसेस्ड मीट कम खाएं. हफ्ते में 1–2 बार से ज्यादा रेड मीट न खाएं. सब्जियों और फाइबर के साथ संतुलित भोजन करें. यदि आपको हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई यूरिक एसिड, फैटी लिवर, डायबिटीज आदि की समस्याएं हैं तो मटन सीमित मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है.



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