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Traditional Mutton Buying In Mithila: मधुबनी अपनी संस्कृति और खानपान के लिए प्रसिद्ध है. मधुबनी में के इस गांव में आज भी केजी के हिसाब से मटन नहीं खरीदने की परंपरा कायम है. यहां लोग सामूहिक रूप से मटन खरीदते हैं. और बाटी लगाकर बिना वजन किए ही एक दूसरे को देते हैं. इस अनोखी परंपरा के पीछे कई कारण है. आइए जानते हैं.

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मधुबनी: मटन तो लोग केजी में खरीदते हैं. पर मिथिलांचल खासकर मधुबनी के ग्रामीण इलाकों में मटन खरीदने का तरीका आपको बाकी जगहों से बिल्कुल अलग है. यहां अधिकांश लोग बाजार से एक-दो किलो मटन खरीदकर घर नहीं ले जाते. इसके बजाय कई परिवार मिलकर एक बकरा (छागर) खरीदते हैं. उसको बनाने के बाद फिर बिना वजन किए सभी के हिस्से का मटन आपस में बांट लेते हैं. स्थानीय भाषा में इसे बाटी लगाना या कुरी लगाना कहा जाता है.

अकेले नहीं, कई परिवार मिलकर बनाते हैं मटन
मिथिला के ग्रामीण क्षेत्रों में अगर किसी परिवार का मटन खाने का मन हो जाए तो वह अक्सर आसपास के चार-पांच परिवारों से बात करता है. सभी लोग मिलकर पैसे इकट्ठा करते हैं. पूरा बकरा खरीद लेते हैं. इसके बाद कटाई के समय सभी के हिस्से का मटन बराबर-बराबर बांट दिया जाता है. यही वजह है कि जिस दिन एक घर में मटन बनता है. उसी दिन आसपास के कई घरों में भी इसकी खुशबू फैलती है.

शुद्धता और ताजगी पर रहता है पूरा भरोसा
स्थानीय लोगों का मानना है कि बाजार से किलो के हिसाब से खरीदे गए मटन में मिलावट या पुराने मांस की आशंका रहती है. जब पूरा बकरा सामने बनता है तो लोगों को मटन की गुणवत्ता और ताजगी पर पूरा भरोसा रहता है. यही कारण है कि आज भी ग्रामीण इलाकों में बाटी लगाकर मटन खरीदने की परंपरा कायम है.

जल्दी पकता है ताजा मटन, खर्च भी कम
अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि बाजार से खरीदा गया मटन देर से पकता है. उसे नरम बनाने के लिए कई घरेलू उपाय करने पड़ते हैं. लेकिन बाटी लगाकर खरीदा गया ताजा मटन आसानी से कड़ाही में ही पक जाता है. इसके लिए प्रेशर कुकर या किसी विशेष उपाय की जरूरत नहीं पड़ती. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है. इस परंपरा का एक आर्थिक पहलू भी है. बकरा सामूहिक रूप से खरीदने पर प्रति परिवार खर्च अपेक्षाकृत कम पड़ता है. साथ ही सभी लोगों को ताजा और शुद्ध मटन मिल जाता है. यही वजह है कि आधुनिक दौर में भी मिथिला के कई गांवों में यह परंपरा आज भी जीवित है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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