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Bareilly News: यूपी का बरेली अब अपने झुमका के लिए ही नहीं, बल्कि खाने-पीने के लिए भी काफी चर्चित है. बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां लोगों के पास घर पर अचार बनाने का समय नहीं है, वहीं बरेली के राजीव आनंद ने अपने स्वाद और गुणवत्ता से लोगों के दिलों में खास जगह बना ली है.
बरेली: उत्तर प्रदेश के जिला बरेली का सुरमा ही नहीं, अचार भी अब लोगों के दिलों में जगह बना रहा है. जिस तरह बरेली अपने स्वाद और खास पहचान के लिए जाना जाता है, उसी तरह आज शहर का एक अचार लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां लोगों के पास घर पर अचार बनाने का समय नहीं है, वहीं बरेली के राजीव आनंद ने अपने स्वाद और गुणवत्ता से लोगों के दिलों में खास जगह बना ली है.
साल 2003 में राजीव ने अचार बनाने का काम शुरू किया था. शुरुआत छोटे स्तर से हुई. जतिन अचार के नाम से इनका अचार का व्यापार बरेली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक फेमस है. लेकिन आज उनका अचार कई राज्यों में पसंद किया जा रहा है. पारंपरिक स्वाद और कम नमक की खासियत ने उनके उत्पाद को बाजार में अलग पहचान दी है. ऑनलाइन-ऑफलाइन माध्यम से आप इनका अचार खरीद सकते हैं.
कई तरह की वैरायटी उपलब्ध
राजीव बताते हैं कि आधुनिक समय में लोगों के पास इतना समय नहीं होता कि वे घर पर अचार तैयार कर सकें. अचार बनाने की प्रक्रिया में समय और मेहनत दोनों लगते हैं. ऐसे में लोग तैयार और भरोसेमंद स्वाद की तलाश करते हैं. उनके अनुसार, उनके यहां कई प्रकार की वैरायटी उपलब्ध हैं, जिनमें मैंगो पिकल, रेड चिली पिकल, मिक्स पिकल, लेमन पिकल, स्वीट लेमन पिकल और जिंजर पिकल शामिल हैं. इन सभी स्वादों को लोग काफी पसंद कर रहे हैं.
राजीव बताते हैं कि उनका अचार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बड़े स्तर पर सप्लाई किया जाता है. इसके अलावा जनरल स्टोर के माध्यम से भी उनके उत्पाद उपलब्ध हैं. वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे ब्लिंकिट और फ्लिपकार्ट के जरिए भी देशभर में लोग उनके अचार को खरीद रहे हैं.
स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान
उन्होंने कहा कि अचार सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि पाचन के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. उनका मानना है कि भोजन के साथ अचार खाने से खाने का स्वाद बढ़ता है और पाचन प्रक्रिया में भी मदद मिलती है. राजीव की सबसे बड़ी खासियत उनका कम नमक वाला अचार है. उनका कहना है कि वे स्वाद के साथ स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखते हैं, ताकि लोगों को अच्छा टेस्ट मिलने के साथ बेहतर हेल्थ भी मिल सके.
महिलाएं करती हैं संचालित
उन्होंने बताया कि उनके आचार के ब्रांड का नाम जतिन है और ये अचार की फैक्ट्री पूरी महिलाओं की ओर से सुचारू रूप से चलाई जाती है, जिससे हम महिलाओं को सशक्त बनाते हैं और आत्मनिर्भर बनाने की एक दिशा में महत्वपूर्ण कदम हमारी फैक्ट्री के वर्कर्स और हमारे माध्यम से किया गया है.
आज बरेली का यह अचार सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि लोगों के स्वाद और भरोसे की पहचान बन चुका है. पारंपरिक स्वाद को आधुनिक जरूरतों के साथ जोड़कर राजीव आर्यन ने यह साबित कर दिया है कि अगर गुणवत्ता और मेहनत हो, तो छोटा काम भी बड़ी पहचान बना सकता है.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.