Last Updated:
Patna Makhana Cafe: मोमो, चाट, पिज्जा और बर्गर के दौर में पटना में एक ऐसा कैफे लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां बिहार की पहचान मखाना को बिल्कुल नए अंदाज में परोसा जा रहा है. मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के पास स्थित नतालिया मखाना कैफे में मखाना चाट, चोको मखाना, रोस्टेड मखाना, मखाना आइसक्रीम, लस्सी और चाय जैसे कई अनोखे आइटम मिलते हैं. खास बात यह है कि इनकी कीमत महज ₹40-50 से शुरू होती है. नौकरी के साथ इस कैफे की शुरुआत करने वाले अमित सिंह ने करीब 3-4 महीने की रिसर्च के बाद मखाना को हेल्दी और मॉडर्न स्ट्रीट फूड के रूप में पेश करने का आइडिया तैयार किया.
मोमो, चाट, पिज्जा, बर्गर और दूसरे फास्ट फूड के बढ़ते चलन के बीच पटना में एक ऐसा कैफे लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है, जिसने बिहार की पहचान मखाना को आधुनिक स्ट्रीट फूड का नया स्वाद दे दिया है. मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के पास स्थित नतालिया मखाना कैफे में मखाना सिर्फ भूनकर नहीं, बल्कि कई नए और अनोखे अंदाज में परोसा जाता है. यहां आने वाले लोगों को मखाना चाट, चोको मखाना, रोस्टेड मखाना, मखाना आइसक्रीम, मखाना लस्सी, मखाना चाय और मखाना से तैयार कई दूसरे हेल्दी फूड आइटम परोसे जाते हैं. इस कैफे की शुरुआत अमित सिंह ने की है. उनका दावा है कि यह पटना का पहला ऐसा कैफे है, जहां पूरी थीम मखाना पर आधारित है.
कैफे के फाउंडर अमित सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनका उद्देश्य लोगों को ऐसा स्ट्रीट फूड देना था, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. उन्होंने बताया कि इस आइडिया पर काम करने से पहले करीब तीन से चार महीने तक रिसर्च की. रेसिपी से लेकर स्वाद तक, हर पहलू पर रिसर्च करने के बाद मखाना को नए रूप में लोगों के सामने पेश किया.
जो लोग चटपटा खाना पसंद करते हैं, उनके लिए मखाना चाट है. चॉकलेट पसंद करने वालों के लिए चोको मखाना तैयार किया गया है. वहीं, मखाना आइसक्रीम और मखाना चाय जैसे फूड आइटम लोगों के लिए बिल्कुल नया अनुभव हैं. उन्होंने बताया कि यहां इस्तेमाल होने वाले मसाले घर पर तैयार किए जाते हैं और खाना बनाने में ऑलिव ऑयल का उपयोग किया जाता है, ताकि स्वाद के साथ क्वालिटी भी बनी रहे.
Add News18 as
Preferred Source on Google
अमित सिंह का स्टॉल भले ही सड़क किनारे लगता है, लेकिन इसकी साज-सज्जा किसी छोटे कैफे से कम नहीं है. आसपास हरियाली और सजावटी पौधे लगाए गए हैं. इससे माहौल काफी आकर्षक हो जाता है. ग्राहकों के बैठने के लिए आरामदायक कुर्सियों की व्यवस्था की गई है. पूरा सेटअप ओपन स्पेस में है. यहां लोग परिवार या दोस्तों के साथ आराम से बैठकर समय बिता सकते हैं. शाम के समय यहां युवाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है.
अमित सिंह का कहना है कि उन्होंने कीमतें इस तरह तय की हैं कि हर वर्ग का व्यक्ति यहां आसानी से आ सके. मखाना चाट की कीमत 40 से 50 रुपये, मखाना आइसक्रीम 50 रुपये और मखाना लस्सी भी 50 रुपये में मिलती है. दूसरे आइटम भी इसी रेट पर उपलब्ध हैं. उनका मानना है कि लोग जितना खर्च मोमो, समोसा चाट या चाउमीन पर करते हैं, उतनी ही कीमत में उन्हें स्वादिष्ट और हेल्दी ऑप्शन यहां मिल जाएगा.
इस कैफे की सबसे खास बात इसके संस्थापक अमित सिंह की मेहनत और लगन है. वह दिनभर अपनी नौकरी करते हैं और शाम होते ही सीधे अपने मखाना कैफे पहुंच जाते हैं. उनका स्टॉल रोजाना दोपहर 3 बजे से रात करीब 12:30 बजे तक खुला रहता है. यहां लोग डिनर के बाद भी मखाना आइसक्रीम का स्वाद ले सकते हैं या फिर ताजा बींस से तैयार कॉफी का आनंद उठा सकते हैं.
अमित बताते हैं कि जब वह ऑफिस से लौटते थे तो अक्सर कुछ हेल्दी खाने की तलाश करते थे, लेकिन उन्हें ऐसा कोई ऑप्शन नहीं मिलता था. इसी दौरान उनके मन में यह विचार आया कि बिहार की पहचान मखाना को आधुनिक तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाए. पढ़ाई के समय से ही उन्हें पता था कि मखाना बिहार की खास पहचान है, लेकिन इसके अलग-अलग उत्पाद बहुत कम देखने को मिलते हैं. यही सोच उनके लिए प्रेरणा बनी और उन्होंने मखाना को नए स्वाद और नए रूप के साथ लोगों के सामने पेश करने का फैसला किया. इसी तरह नतालिया मखाना कैफे की शुरुआत हुई.