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Recipe Of Making Amchur: घर पर कच्ची कैरी से तैयार किया जाने वाला राजस्थानी स्टाइल अमचूर स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहतरीन विकल्प है. इसे बनाने के लिए सख्त कच्ची कैरियों को धोकर, छीलकर पतले टुकड़ों में काटकर धूप में सुखाया जाता है, फिर पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है. बिना किसी मिलावट के बना यह देसी अमचूर लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और आलू की सब्जी, दाल, चाट, चटनी और कई पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है. कम मेहनत और आसान तरीके से तैयार होने वाला यह अमचूर पूरे साल रसोई में काम आता है.
भीलवाड़ा. राजस्थान की रसोई में बनने वाली रेसिपी स्वाद, सादगी और परंपरा का अनोखा संगम हैं. आज हम आपको अमचूर की ऐसी आसान रेसिपी बताने जा रहे है जो घर पर बिल्कुल कम समय में और आसान स्टेप से तैयार कर सकते हैं. खास बात यह भी हैं की यह लंबे समय तक खराब भी नहीं होता है. बाजार के अमचूर की बजाय घर पर तैयार किया गया अमचूर पूरी तरह शुद्ध, प्राकृतिक और बिना किसी मिलावट के होता है. इस रेसिपी से आज ही बाजार का पैकेट वाला अमचूर छोड़िए और घर पर तैयार कीजिए राजस्थानी स्टाइल का देसी अमचूर. यह बनाने में आसान होने के साथ पूरी तरह शुद्ध और प्राकृतिक होता है. इसकी खुशबू और खट्टा स्वाद ऐसा होता है कि इसे देखते ही मुंह में पानी आ जाता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे एक बार बनाकर कई सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
ग्रहणी कृष्णा पायक ने बताया कि अमचूर बनाने के लिए सबसे पहले अच्छी और सख्त कच्ची कैरियों का चुनाव करें. कैरियों को अच्छी तरह पानी से धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें ताकि उन पर नमी बिल्कुल न रहे. इसके बाद कैरियों का छिलका उतारकर उन्हें पतले-पतले स्लाइस या छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इन टुकड़ों को साफ सूती कपड़े या बड़ी थाली में फैलाकर तेज धूप में सुखाएं. राजस्थान की तेज धूप में ये टुकड़े तीन से पांच दिन में अच्छी तरह सूख जाते हैं. ध्यान रखें कि शाम होने पर इन्हें घर के अंदर रख दें और अगले दिन फिर धूप में सुखाएं. जब टुकड़े पूरी तरह सूखकर सख्त हो जाएं, तभी उन्हें पीसे. सूखे हुए कैरी के टुकड़ों को मिक्सर या ग्राइंडर में बारीक पीस लें. इसके बाद इस पाउडर को छलनी से छान लें ताकि महीन अमचूर तैयार हो जाए. यदि कुछ बड़े टुकड़े बच जाएं तो उन्हें दोबारा पीस लें. तैयार अमचूर को पूरी तरह ठंडा और सूखा होने पर कांच के जार या एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें.
ध्यान रखें कि डिब्बे में किसी भी प्रकार की नमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि नमी आने से अमचूर जल्दी खराब हो सकता है. सही तरीके से रखने पर यह कई महीनों तक सुरक्षित रहता है और उसका स्वाद भी बरकरार रहता है. घर का बना अमचूर केवल स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि यह पूरी तरह मिलावट रहित भी होता है. इसका उपयोग आलू की सब्जी, भरवां सब्जियां, दाल, चाट, चटनी, कढ़ी, रायता और कई पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों में किया जाता है. गर्मियों में तैयार किया गया यह अमचूर पूरे साल रसोई का स्वाद बढ़ाता रहता है. यदि आप भी शुद्ध, खुशबूदार और देसी स्वाद वाला अमचूर खाना चाहते हैं तो इस बार कच्ची कैरी के मौसम में इसे घर पर जरूर बनाएं. कम मेहनत, कम खर्च और आसान विधि से तैयार होने वाला यह अमचूर आपके परिवार के खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देगा.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें