Last Updated:
Agra ki mashhoor kachori: मोहब्बत की नगरी आगरा सिर्फ सात अजूबों में शामिल ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि अपने लाजवाब और चटपटे व्यंजनों के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है. यहां का सुबह का नाश्ता इतना बेमिसाल है कि बाहर से आने वाले पर्यटक भी इसका स्वाद चखे बिना नहीं रह पाते. इसी कड़ी में आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में एक ऐसी दुकान है, जो सिर्फ 15 रुपये में लोगों को राजस्थानी स्वाद का दीवाना बना रही है. यहां की कचौड़ी और विशेष ड्राई फ्रूट्स वाली सब्जी का स्वाद चखने के लिए सुबह से ही खाने-पीने के शौकीनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है.
Agra ki mashhoor kachori: उत्तर प्रदेश के आगरा को ताजमहल के लिए विश्वभर में जाना जाता है. आगरा केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. आगरा में सुबह का नाश्ता कई राज्यों में मशहूर है. बाहर से आगरा आने वाले लोग यहां का नाश्ता जरूर करते हैं. सुबह आगरा में आलू-दाल की कचौड़ी, बेड़ई और जलेबी काफी ज्यादा मशहूर हैं. सुबह से ही बेड़ई-कचौड़ी खाने वालों की लाइन दुकानों पर लग जाती है.
ऐसी ही एक दुकान है जो खड़े मसालों की सब्जी के अतिरिक्त कढ़ी और दाल की कचौड़ी देती है, जो आसपास काफी मशहूर है. दुकानदार बताते हैं कि दूर-दराज से लोग इसे खाने के लिए आते हैं. आगरा की यह मशहूर दुकान कारगिल पेट्रोल पंप, सिकंदरा पर स्थित है. इस दुकान का नाम ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ है.
महज 15 रुपये में मिलती है भारी-भरकम कचौड़ी
आगरा के सिकंदरा से कारगिल-बोदला रोड पर स्थित कारगिल पेट्रोल पंप के पास ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ की दुकान है. यहां के दुकानदार जगन सिसोदिया ने बताया कि वह आगरा में राजस्थानी स्वाद लोगों को दे रहे हैं. जिस तरह राजस्थान में कचौड़ी-कढ़ी मशहूर है, वैसे ही आगरा में वह लोगों को दे रहे हैं, जिसके शौकीन दूर-दूर से खाने के लिए यहां आते हैं. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त वह सब्जी भी रखते हैं.
शौकीन जिसके साथ कचौड़ी खाना चाहें, उनकी पसंद के हिसाब से दी जाती है. महज 15 रुपये प्रति कचौड़ी लोगों को दी जाती है. उन्होंने कहा कि एक कचौड़ी में काफी अच्छी मात्रा में माल भरा जाता है. उन्होंने कहा कि आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से लोग उनके यहां खाने आते हैं. उन्होंने दावा किया कि जो एक बार यहां कचौड़ी खा जाता है, वह दोबारा जरूर आता है.
खड़े मसालों और ड्राई फ्रूट्स से बनाई जाती है सब्जी
आगरा के सिकंदरा से कारगिल-बोदला रोड पर स्थित कारगिल पेट्रोल पंप के पास स्थित चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी की दुकान है. यहां के दुकानदार जगन सिसोदिया ने बताया कि वह शुद्ध सरसों के तेल में कचौड़ी और बेड़ई बनाते हैं. उनके यहां बनने वाली सब्जी में खड़े मसालों के साथ घर में तैयार किए गए मसालों को डाला जाता है, इसके अतिरिक्त ड्राई फ्रूट्स भी सब्जी में डाले जाते हैं.
उन्होंने कहा कि भरपूर मात्रा में मखाने आदि सब्जी में डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद दोगुना बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि वह अपनी सब्जी में लाल मिर्च का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिससे लोगों का स्वास्थ्य भी खराब नहीं होता है. शुद्ध घर के मसालों से सब्जी बनाई जाती है और यही कारण है कि लोग दूर-दराज से उनके पास कचौड़ी-बेड़ई खाने के लिए आते हैं.
About the Author
राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें