मराठी सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। कोई बॉलीवुड नहीं बल्कि फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना है। फिल्म का चयन होने के बाद अब यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। अपनी कहानी और विषय को लेकर चर्चा में रही इस फिल्म से अब देशभर के सिनेमा प्रेमियों की उम्मीदें जुड़ गई हैं। ऑस्कर की रेस में भारत की ओर से ‘गोंधल’ का पहुंचना क्षेत्रीय सिनेमा की बढ़ती ताकत और उसकी कहानियों की व्यापक स्वीकार्यता को भी दर्शाता है।
‘गोंधल’ फिल्म की कहानी क्या है?
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ की कहानी ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि में होने वाले पारंपरिक गोंधल अनुष्ठान के बीच आकार लेती है। फिल्म की मुख्य किरदार सुमन एक ऐसे विवाह में फंस जाती है, जिसमें उसे आर्थिक रूप से संपन्न आनंद से शादी करनी पड़ती है, जबकि उसका दिल गोंधली कलाकार साहेबा के लिए धड़कता है। इस रिश्ते से बाहर निकलने के लिए सुमन एक खतरनाक योजना बनाती है। वह आनंद के चचेरे भाई सरजेराव की उसके प्रति दीवानगी का फायदा उठाती है और उसे ऐसे अपराध की ओर धकेलती है, जिसे वह खुद अंजाम नहीं दे सकती। फिल्म में गोंधल की रातभर चलने वाली परंपरा, संगीत और धार्मिक अनुष्ठान कहानी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रेम, लालच, सत्ता, छल और आजादी की चाह के बीच कहानी धीरे-धीरे एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर का रूप लेती है।
‘गोंधल’ की कास्ट और डायरेक्टर
मराठी फिल्म ‘गोंधल’ का निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। उन्होंने ही फिल्म की कहानी और पटकथा भी लिखी है। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी और निषाद भोईर प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा सुरेश विश्वकर्मा, अनुज प्रभु, माधवी जुवेकर, ऐश्वर्या शिंदे, कैलाश वाघमारे, पूनम पाटील और विठ्ठल काले जैसे कलाकार भी अहम किरदारों में नजर आते हैं। बता दें, इस फिल्म को IMDb पर 8.9 रेटिंग मिली है, जिससे जाहिर है कि फिल्म की कहानी शानदार है। क्रिटिक्स ने भी इस फिल्म को काफी सराहा है।
रिलीज और बॉक्स ऑफिस
‘गोंधल’ को 14 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था। करीब दो घंटे लंबी यह फिल्म मराठी भाषा में बनी है। फिल्म का संगीत दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने दिया है। बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म का प्रदर्शन बहुत बड़ा व्यावसायिक हिट साबित नहीं हुआ। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक ‘गोंधल’ ने भारत में करीब 84 लाख रुपये नेट और लगभग 90 लाख रुपये ग्रॉस का कलेक्शन किया। हालांकि फिल्म को बाद में फिल्म फेस्टिवल सर्किट में काफी पहचान मिली। संतोष डावखर को 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में ‘गोंधल’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार मिला।
PTI Input
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