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कढ़ी में गांठें पड़ने, पतली होने या दही फटने की वजह गलतियां हो सकती हैं. बेसन को सीधे दही में न डालें, पहले पानी में घोलें. घोल को अच्छी तरह फेंटें और धीमी आंच पर पकाएं. दही को भी फेंटकर इस्तेमाल करें
कढ़ी में गांठ बनने से रोकना.
कढ़ी बनाना सुनने में जितना आसान लगता है, उसे सही texture के साथ बनाना उतना ही आसान नहीं होता. कभी कढ़ी बहुत पतली हो जाती है, कभी दही फट जाता है और सबसे ज्यादा परेशान करती हैं इसमें बनने वाली बेसन की छोटी-बड़ी गांठें. कई बार कढ़ी को लगातार चलाने के बाद भी ये गांठें खत्म नहीं होतीं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो इसकी वजह आपकी recipe नहीं, बल्कि कढ़ी बनाते समय की कुछ छोटी गलतियां हो सकती हैं.
बेसन को सीधे दही में डालना
कढ़ी में गांठ पड़ने की सबसे आम वजह यही है. अगर आप बेसन को सीधे दही या छाछ में डालकर फेंटते हैं तो बेसन एक जगह इकट्ठा होकर गुठली बना सकता है. बेहतर तरीका है कि पहले बेसन को थोड़े पानी में अच्छी तरह घोलें. इसे तब तक फेंटें जब तक घोल बिल्कुल चिकना न दिखने लगे. इसके बाद इसमें दही या छाछ मिलाएं.
बेसन का घोल अच्छी तरह न फेंटना
कभी-कभी ऊपर से घोल चिकना दिखाई देता है, लेकिन नीचे बेसन बैठा रहता है. जैसे ही इसे गर्म कड़ाही में डालते हैं, वही बेसन पककर गांठ बना लेता है. इसलिए घोल तैयार करते समय जल्दबाजी न करें. व्हिस्क या मथनी से इसे अच्छी तरह फेंटें. अगर फिर भी छोटे-छोटे कण दिख रहे हैं तो घोल को एक बार छलनी से छान लेना सबसे आसान तरीका है.
कढ़ी को तेज आंच पर चढ़ा देना
कढ़ी को तेज आंच पर पकाने की कोशिश भी उसका texture बिगाड़ सकती है. खासकर शुरुआत में इसे मध्यम या धीमी आंच पर पकाना बेहतर रहता है. कढ़ी को गर्म करते समय बीच-बीच में चलाते रहें. जैसे-जैसे इसमें गर्मी बढ़ेगी, बेसन पकने लगेगा और कढ़ी धीरे-धीरे गाढ़ी होगी.
दही को बिना फेंटे इस्तेमाल करना
अगर दही में पहले से ही गांठें हैं और आप उसे सीधे बेसन में मिला देंगे तो कढ़ी में smooth texture आना मुश्किल है. दही को पहले अच्छी तरह फेंट लें. बहुत खट्टा दही इस्तेमाल करने से भी स्वाद जरूरत से ज्यादा खट्टा हो सकता है, इसलिए दही की खटास के हिसाब से पानी और मसाले का संतुलन रखें.
कढ़ी को पकने का समय न देना
कढ़ी में बेसन का कच्चापन दूर होने और स्वाद अच्छी तरह आने में थोड़ा समय लगता है. सिर्फ उबाल आते ही गैस बंद कर देने से कढ़ी का स्वाद अधूरा लग सकता है. उबाल आने के बाद इसे धीमी आंच पर पकने दें और बीच-बीच में चलाते रहें. इससे कढ़ी का स्वाद भी निखरेगा और consistency भी बेहतर होगी.
अगर गांठें बन ही जाएं तो क्या करें?
अगर कढ़ी बनाते समय अचानक गांठें नजर आ जाएं तो गैस की आंच कम कर दें और व्हिस्क से लगातार चलाएं. कई छोटी गांठें इसी तरह टूट सकती हैं. बहुत ज्यादा गांठें हों तो कढ़ी को छलनी से छानने का विकल्प भी है. अगली बार बस बेसन को पहले अच्छी तरह घोलने की आदत डालें.
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विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…
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