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Khatras Achaar Recipe: मिथिलांचल में बनने वाले बहुत से अचारों में से एक है खटरस जो कच्चे कद्दूकस करे आम, पंचफोरन, सरसों के तेल से तैयार होता है. इसमें तीखा, खट्टा और चटपटा सारे फ्लेवर एक साथ मिलते हैं. एक बार बनाकर इसे पूरे साल दाल-चावल, पूड़ी-पराठे के साथ खाया जाता है. जानें रेसिपी.

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दरभंगा: मिथिलांचल में जून का महीना सिर्फ गर्मी नहीं लाता, यह गृहिणियों के लिए पूरे साल की तैयारी का महीना भी होता है. धूप तेज होती है, आम पकते हैं और घर-घर में अचार की खुशबू फैल जाती है. यहां दर्जनों तरह के अचार बनाए जाते हैं, लेकिन इनमें सबसे खास माना जाता है ‘खटरस’. नाम ऐसा कि जुबान पर खट्टा और तीखा, हर स्वाद एक साथ महसूस हो. पांच तरह की चीजों के संगम से बनने वाला यह अचार चावल-दाल से लेकर रोटी-सब्जी तक हर थाली की शान माना जाता है. मिथिला के लोग तो सुबह रोटी के साथ खटरस खाकर ही काम पर निकल जाते हैं.

गृहिणी आशा देवी की रेसिपी
दरभंगा की गृहिणी आशा देवी बताती हैं कि खटरस को खास इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें कई सामग्री मिलाई जाती हैं. इसी वजह से इसका स्वाद एक साथ कई अचारों जैसा लगता है. सबसे पहले कच्चे आम लें और उनका छिलका हटाकर उन्हें कद्दूकस कर लें. इसके साथ ओल को भी कद्दूकस कर लें. जरूरत के अनुसार अदरक को भी कद्दूकस करें. फिर लहसुन के छिलके हटाकर अलग रख लें और हरी मिर्च को दरदरा पीस लें.

पंचफोरन की पड़ेगी जरूरत
अब सबसे पहले ‘पांच फोड़न’ यानी पचपदरा लें, जिसमें मेथी, सरसों, कलौंजी, सौंफ और जीरा शामिल होता है. इन्हें तवे पर हल्का भून लें. इसके बाद भुने मसाले को सिलबट्टे पर दरदरा पीस लें. अब इसमें सौंठ पाउडर और चुटकी भर हींग डाल दें. हींग से स्वाद भी बढ़ता है और गैस की समस्या भी कम होती है.

नमी खत्म कर लें
सारी सामग्री को साफ और सूखे बर्तन में मिलाकर 4 से 5 दिन तक तेज धूप में रखें. बीच-बीच में हर दिन चम्मच से चलाते रहें, ताकि नमी न रहे. तीसरे दिन सरसों का तेल कड़ाही में अच्छी तरह गर्म करें, फिर उसे पूरी तरह ठंडा होने दें. ठंडा तेल ही अचार में डालें, क्योंकि गर्म तेल से अचार खराब हो सकता है. तेल डालने के बाद अचार को फिर 2 दिन धूप लगने दें. इस दौरान साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और जिस बर्तन में अचार रखें, वो सूखा ही हो, ये जरूर चेक कर लें.

जब तेल और मसाला पूरी तरह अचार में अच्छी तरह मिल जाए, तब इसे कांच या चीनी मिट्टी के साफ और सूखे डिब्बे में भर दें. कांच का डिब्बा सबसे अच्छा माना जाता है. सही तरीके से रखा गया खटरस एक साल से ज्यादा समय तक खराब नहीं होता, बल्कि पुराना होने पर इसका स्वाद और निखर जाता है.

खाने का मजा
गरम चावल-दाल हो या पराठा, रोटी-सब्जी, खटरस के बिना मिथिला की थाली अधूरी मानी जाती है. तीखा, खट्टा और चटपटा स्वाद एक चम्मच में कई अचारों का मजा देता है. मेहमान आएं तो उनके सामने खटरस रख दीजिए, तारीफ अपने आप शुरू हो जाएगी. खास बात है कि इसे अभी बनाकर पूरे साल के लिए स्टोर किया जा सकता है. साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे खासकर सूखे चम्मच का इस्तेमाल करेंगे तो ये खराब नहीं होगा.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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