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कसूरी मेथी में ‘कसूरी’ शब्द का मतलब क्या है? कैसे तैयार होती है, जानें फायदे

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Meaning of Kasuri Word in Kasuri Methi : घर पर कोई भी पनीर बनानी हो या फिर मलाई कोफ्ता, दाल हो या कढ़ी, मखमली दाल मखनी हो या तड़के वाली पीली दाल, मिस्सी रोटी या नान सभी में जब तक कसूरी मेथी ना डाली जाए, स्वाद अधूरा सा लगता है. उत्तर भारतीय और मुगलई व्यंजनों में स्वाद-खुशबू बढ़ाने के लिए कसूरी मेथी का इस्तेमाल खूब किया जाता है. पूरे साल इसका इस्तेमाल होता है. क्या आपने कभी सोचा है कि कसूरी मेथी में ‘कसूरी’ शब्द का मतलब क्या है? कसूरी मेथी क्या होती है? क्या कसूरी मेथी सिर्फ मेथी के पत्तों को सुखाकर बनती है? कसूरी मेथी और मेथी में क्या अंतर है? ये कुछ सवाल हैं जो कभी ना कभी आपके मन में जरूर आए होंगे. आइये आज जानते हैं कि कसूरी मेथी में ‘कसूरी’ शब्द का मतलब क्या है.

Difference Between Methi and Kasuri Methi : भारतीय रसोई में वैसे तो कई मसाले इस्तेमाल होते हैं. हर मसाले की अपनी खासियत है जो स्‍वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं. ये मसाले स्‍वाद के साथ-साथ सेहत को भी दुरुस्त करते हैं. ‘कसूरी मेथी’ किचन में रखा ऐसी ही एक मसाला है. पनीर की सब्जी बनानी हो या फिर आलू की, मलाई कोफ्ता बनाना हो या कढ़ी, कसूरी मेथी अगर डल जाए तो स्वाद बढ़ जाता है. इसकी सुगंधित महक साधारण व्यंजनों को भी लजीज और खुशबूदार बना देती है. पूरे भारत में सबसे ज्यादा कसूरी मेथी राजस्थान के नागौर जिले में होती है. इसकी बुवाई मुख्य रूप से मध्य अक्टूबर से नवंबर के बीच होती है. विशेषकर अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक की जाती है. कसूरी मेथी को राजस्थान में पान मेथी भी कहा जाता है लेकिन कसूरी मेथी में ‘कसूरी’ शब्द से क्या मतलब है? कसूरी मेथी और मेथी में क्या अंतर है, आइये जानते हैं सभी सवालों के जवाब….

अगर आप मेथी के पत्तों को सुखाएंगे और सोचेंगे कि कसूरी मेथी बन जाएगी तो ऐसा नहीं है. कसूरी मेथी में ‘कसूर’ या ‘कसूरी’ शब्द जो आता है वो पाकिस्तान में है. विभाजन से पहले जब अविभाजित भारत था, तब कसूरी मेथी की वैरायटी पंजाब-राजस्थान क्षेत्र में उगाई जाती थी. जब विभाजन हुआ तो ‘कसूरी’ वैरायटी पंजाब और राजस्थान के नागौर जिले में उगाई जाने लगी. यानी ‘कसूरी’ अब पाकिस्तान में है. 1 जुलाई 1976 को जिला बना. लाहौर से इस जिले की सीमा लगती है. 

पूरी कसौर अपनी उच्च गुणवत्ता वाली मेथी के लिए प्रसिद्ध है. कसौर में उगने वाली मेथी की क‍िस्‍म दुन‍िया की सबसे बेहतरीन मेथी मानी जाती है, इसलिए इसे कसूरी मेथी कहते हैं. कहा जाता है कि कसूर सिटी का नाम पड़ोसी जिले लाहौर (लाहूर) के नाम कसावर रखा गया था. बाद में इसे कसूर कहा जाने लगा. कसूर सिटी की सरहद ननिकाना साहिब से भी मिलती है. कसूर में उगाई जाने वाली मेथी की कीमत 150 रुपये प्रतिकिलो के आसपास है. 

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बंटवारे के बाद कसूर वैरायटी की मेथी सबसे ज्यादा राजस्थान के नागौर जिले में उगाई जाती है. हमारे घरों में जो कसूरी मेथी आती है, वो नागौर जिले में ही उगाई जाती है. इसे नागौरी कसूरी मेथी भी कहा जाता है. इसकी पैदावार नागौर-खींवसर के बीच पड़ने वाले गांवों में होती है. यानी नागौर से मेड़ता और खींवसर के बीच के लगभग रूण, इंदोगली, खजवाना, जनाणा, गवालू, भटनोका, हिरादाना, नोका, कुचेरा, ढाढरिया कलां, खुड़खुड़ा और देशवाल जैसे 2-22 गांवों में इसकी खेती होती है. यह एरिया करीब 100 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है. यहां की विशेष मिट्टी और आबोहवा इस खुशबूदार मेथी की पैदावार के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है.

नागौर में उगाई जाने वाली मेथी को पहले सुखाया जाता है. फैक्ट्री में लाकर पहले इसे तीन-चार दिन धूप में सुखाया जाता है. फिर मशीनों से साफ किया जाता है. कंकड़-पत्थर अलग किए जाते है. फिर हाथ से भी मेथी में मौजूद कंकड़-पत्थर को अलग किया जाता है. नागौर जिले के कई गांवों में अलग-अलग वैरायटी की कसूरी मेथी होती है. सबसे अच्छी मेथी ताऊसर के मानी जाती है. माना जाता है कि ताऊसर में पैदा होने वाली वैरायटी पाकिस्तान के कसूर की है. इसकी खुशबू 6 माह तक रहती है. ऑर्गेनिक तरीके से यहां के किसान खेती करते हैं. रासायनिक खाद कम डालते हैं. कसूरी मेथी को गर्म जगह पर नहीं रखना चाहिए. इसका पत्ता बहुत नर्म होता है.

कसूरी मेथी स्वाद और खुशबू तो बढ़ाती ही है लेकिन सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, आयरन, एंटी-ऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो पाचन सुधारने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और वजन घटाने में मदद करते हैं. यह इम्यूनिटी बढ़ाती है. इसमें हाई फाइबर होता है. पाचन सुधारती है. सूजन कम करती है. ब्‍लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है. डायबिटीज में फायदेमंद है. इसके एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय रोग के जोखिम को कम करते हैं. कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई रहने पर भी आप कसूरी मेथी का सेवन कर सकते हैं. कसूरी मेथी- बालों और त्वचा को भी कसूरी मेथी लाभ पहुंचाती है. त्वचा में नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करती है.

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