Sawan Special Recipe: सावन के महीने में लाखों लोग सोमवार का व्रत रखते हैं और कुट्टू के आटे से बनी चीज़ें जैसे पूरी, पराठा, चिल्ला और पकौड़े काफ़ी बनाई जाती हैं. हालांकि, व्रत के लिए कुट्टू का आटा खरीदते समय सिर्फ़ कीमत ही नहीं, बल्कि उसकी क्वालिटी पर भी ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. खराब, मिलावटी या बहुत लंबे समय से रखा हुआ आटा स्वाद और सेहत, दोनों पर बुरा असर डाल सकता है. इसलिए खरीदने से पहले इन 3 बातों की जांच जरूर कर लें…
1. पैकेजिंग, लेबल और एक्सपायरी डेट चेक करें
अगर आप पैकेट वाला कुट्टू का आटा खरीद रहे हैं, तो मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग को ध्यान से देखें. हमेशा ठीक से सील किए हुए पैकेट ही खरीदें. ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिन पर बनाने वाले का नाम, बैच नंबर और दूसरी ज़रूरी जानकारी साफ़-साफ़ लिखी हो. फटे या खुले पैकेट न खरीदें.
2. रंग, खुशबू और पैकेजिंग पर ध्यान दें
अच्छी क्वालिटी का कुट्टू का आटा आमतौर पर हल्के भूरे या ग्रे रंग का होता है और इसमें साबुत अनाज जैसी हल्की, नैचुरल खुशबू होती है. अगर आटे से बासी, खट्टी या खराब गंध आ रही हो, वह गीला लग रहा हो या उसमें गांठें पड़ गई हों, तो उसे न खरीदें. ये संकेत बताते हैं कि आटा पुराना है या उसे सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया है.
3. सिर्फ़ भरोसेमंद दुकानों या ब्रांड से ही खरीदें
कुट्टू का आटा हमेशा किसी भरोसेमंद दुकान, सुपरमार्केट या जाने-माने ब्रांड से ही खरीदें. अगर खुला (बिना पैकेट वाला) आटा खरीद रहे हैं, तो दुकानदार से पूछें कि इसे कब पिसाया गया था और कैसे स्टोर किया गया था. खुला आटा खरीदते समय साफ़-सफ़ाई का खास ध्यान रखें.
कुट्टू के आटे को एयरटाइट डिब्बे में रखें
इसे नमी और सीधी धूप से दूर रखें.
अगर आपको इसे लंबे समय तक रखना है, तो इसे फ्रिज में रखना बेहतर रहेगा.
आटे का स्वाद और क्वालिटी बनाए रखने के लिए, इसे जल्द से जल्द इस्तेमाल करें.
व्रत में रखें ये सावधानी
अगर कुट्टू का आटा खाने के बाद आपको एलर्जी, पेट दर्द, उल्टी या कोई और असामान्य परेशानी महसूस हो, तो इसे खाना बंद कर दें और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. साथ ही, व्रत के दौरान इसे सीमित मात्रा में खाएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें.