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गाजीपुर की कचहरी में सामीमुल्लाह का खास गुड़ लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. इलायची, तिल, मूंगफली और सोंठ जैसे अलग-अलग स्वाद वाले इस गुड़ की खुशबू और स्वाद लोगों को खूब पसंद आ रहा है. अयोध्या से आने वाला यह गुड़ अब गाजीपुर से निकलकर सऊदी अरब तक अपनी मिठास फैला रहा है.

गाजीपुर. अगर आप सोचते हैं कि गुड़ सिर्फ सादा ही होता है, तो आपको गाजीपुर की कचहरी स्थित सामीमुल्लाह के ठेले पर जरूर आना चाहिए. यहां गुड़ सिर्फ बिकता नहीं है, बल्कि अपनी खुशबू से लोगों को अपनी ओर खींच लेता है. अयोध्या की मिठास लेकर गाजीपुर पहुंचे सामीमुल्लाह के पास गुड़ की ऐसी वैरायटी है, जिसकी मांग सात समंदर पार सऊदी अरब तक है. सामीमुल्लाह बताते हैं कि उनके पास मुठिया, इलायची, तिल, मूंगफली और सोंठ जैसे 4-5 प्रकार के गुड़ मिलते हैं. ताज्जुब की बात यह है कि पंजाब से आने वाले सरदार और पुलिसकर्मी यहां से 2 से 3 क्विंटल गुड़ अपनी गाड़ियों में भरकर ले जाते हैं. यही नहीं, स्थानीय लोग जो विदेश में रहते हैं, वे यहां से गुड़ पैक करवाकर सऊदी अरब तक भेजते हैं.

समीमुल्ला बताते हैं कि उनके यहां मुठिया वाला गुड़, इलायची वाला गुड़, तिल वाला गुड़ और मूंगफली-सोंठ वाला गुड़ मिलता है. वे कहते हैं, “हर गुड़ की अपनी अलग खुशबू है, ऐसा स्वाद कि तबीयत खुश हो जाए. जमानियां से आए फरियादी रामअवतार यादव ने बताया कि, कचहरी में जब भी तारीख पर आता हूं, तो यहां से गुड़ जरूर लेकर जाता हूं. गर्मी में सुबह ठंडा पानी और इलायची वाला गुड़ खाकर अलग ही मजा आता है. बाजार में बहुत गुड़ मिलता है, लेकिन यहां वाले गुड़ की खुशबू और स्वाद अलग है.

हर स्वाद का अलग दाम
सादा गुड़ -100 से 150 रुपये किलो, इलायची और तिल वाला गुड़- 130 रुपये किलो, मूंगफली और सोंठ वाला गुड़ -160 रुपये किलो. उनके मुताबिक, यह गुड़ अयोध्या से आता है और इसकी मांग सिर्फ गाजीपुर तक सीमित नहीं है. पंजाब के सरदार लोग दो से तीन कुंटल तक गुड़ ले जाते हैं. पुलिस वाले भी ले जाते हैं, सऊदी तक हमारा गुड़ जाता है, वे बताते हैं. आमतौर पर गुड़ सर्दियों का शौक माना जाता है, लेकिन सामीमुल्लाह के पास यह 12 महीने उपलब्ध रहता है. गाजीपुर के लोग सादा गुड़ तो पसंद करते ही हैं, लेकिन पानी पीने के लिए अक्सर इलायची और मूंगफली वाले गुड़ की मांग ज्यादा रहती है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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