Last Updated:
Gwarpatha Ki Sabji: ग्वारपाठा केवल त्वचा और बालों की देखभाल के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी रसोई में स्वादिष्ट और सेहतमंद सब्जी के रूप में भी बहुत लोकप्रिय है. राजस्थान के पारंपरिक खान-पान में ग्वारपाठा जिसको देशी एलोवेरा के नाम से भी जाना जाता है. सही तरीके से पकाई जाए तो यह न केवल स्वाद में बेहतरीन लगती है.
जोड़ों और वात रोग में आराम: एलोवेरा में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द, गठिया और शरीर के खिंचाव में राहत प्रदान करते हैं. पाचन तंत्र के लिए वरदान: ग्वारपाठा पेट की आंतों की सफाई करता है. कब्ज, गैस और एसिडिटी की समस्या का सामना कर रहे लोगों के लिए यह सब्जी बेहद लाभकारी है. शुगर और कोलेस्ट्रॉल करे नियंत्रित: देशी एलोवेरा का नियमित सेवन ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने और शरीर में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मददगार होता है.
इम
ताजा देशी ग्वारपाठा (एलोवेरा) की पत्तियां – 2 से 3
छाछ (मट्ठा) या दही – 1 कप
हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर – स्वादानुसार
जीरा, राई और हींग – छौंक (तड़के) के लिए
सौंफ और अमचूर पाउडर / काचरी पाउडर – 1 छोटा चम्मच
तेल और नमक – स्वादानुसार
दाना मेथी (उबली हुई) – इच्छा अनुसार (ऐच्छिक)
कटाई और सफाई: ग्वारपाठा की पत्तियों के दोनों तरफ के कांटेदार किनारों को काटकर अलग कर दें. अब इसके हरे छिलके को हटाकर अंदर के गूदे (पल्प) को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. कड़वाहट दूर करना: कटे हुए ग्वारपाठे के टुकड़ों को पानी में थोड़ा सा नमक और हल्दी डालकर 5 से 7 मिनट के लिए उबाल लें. उबालने के बाद इसे ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि इसका कड़वापन और चिपचिपाहट पूरी तरह निकल जाए.
Add News18 as
Preferred Source on Google
तड़का लगाएं: एक कढ़ाई में तेल गरम करें. इसमें हींग, जीरा, राई और सौंफ का तड़का लगाएं.
मसाला पकाएं: अब हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर और थोड़ा सा पानी मिलाकर मसाले को अच्छे से भून लें.
सब्जी पकाएं: भुने हुए मसाले में उबला हुआ ग्वारपाठा (और उबली दाना मेथी) डालें. ऊपर से थोड़ा दही या छाछ डालकर लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं. सब्जी जब तेल छोड़ने लगे, तो इसमें अमचूर पाउडर और नमक मिलाएं. 2 मिनट धीमी आंच पर पकाकर गैस बंद कर दें. आपकी स्वादिष्ट और पौष्टिक ग्वार
सही तरीके से उबल कर बनाई गई ग्वारपाठे की यह पारंपरिक राजस्थानी सब्जी न केवल कड़वाहट मुक्त बनती है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है. इसे आज ही अपनी रसोई का हिस्सा बनाएं और सेहतमंद रहें.