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Chole Bhature Cooking Mistakes: घर पर भटूरे नहीं फूलते या बहुत ज्यादा तेल सोख लेते हैं तो इसकी वजह कुछ छोटी कुकिंग गलतियां हो सकती हैं. छोलों को करीब 8 से 10 घंटे भिगोने से उन्हें अच्छी तरह पकाने में मदद मिलती है. भटूरे के आटे में दही और थोडी सूजी मिलाने से उसका टेक्सचर बेहतर किया जा सकता है. आटा तैयार करने के बाद उसे पर्याप्त समय तक आराम देना भी जरूरी है. भटूरा तलते समय तेल न बहुत ठंडा होना चाहिए और न जरूरत से ज्यादा गर्म. एक बार में एक भटूरा तलने और उसे एक समान मोटाई में बेलने से बेहतर रिजल्ट मिल सकता है.
Chole Bhature Cooking Mistakes: छोले भटूरे का नाम सुनते ही मसालेदार गाढे छोले और गर्मागर्म फूले हुए भटूरे याद आ जाते हैं. बाहर किसी अच्छे ढाबे या दुकान पर भटूरा जैसे ही कडाही से निकलता है, वह गुब्बारे की तरह फूला हुआ नजर आता है, लेकिन यही छोले भटूरे जब घर पर बनाने की कोशिश करते हैं तो कई बार रिजल्ट बिल्कुल अलग मिलता है. कभी भटूरा तेल में डालते ही चपटा रह जाता है, कभी बहुत ज्यादा तेल सोख लेता है और कभी उसका टेक्सचर सख्त या रबड जैसा हो जाता है. दूसरी तरफ छोले भी कई बार ठीक से गलते नहीं हैं या उनमें बाजार और ढाबे जैसा गाढा रंग और मसालेदार स्वाद नहीं आता. (इमेज AI)
ऐसे में अक्सर लगता है कि शायद रेसिपी में ही कोई कमी है, जबकि असली वजह खाना बनाते समय की गई कुछ छोटी गलतियां हो सकती हैं. चने को पर्याप्त समय तक न भिगोना, भटूरे के आटे को आराम न देना, तेल का तापमान सही न रखना और कडाही में एक साथ ज्यादा भटूरे डालना जैसी गलतियां पूरे स्वाद और टेक्सचर को बिगाड सकती हैं. अगर इन छोटी बातों पर ध्यान दिया जाए तो घर पर भी फूले हुए भटूरे और स्वाद से भरपूर छोले तैयार करना काफी आसान हो सकता है. (इमेज AI)
चने को कम समय तक भिगोना है पहली गलती: छोले बनाने की तैयारी वास्तव में उन्हें पकाने से कई घंटे पहले शुरू हो जाती है. सूखे काबुली चने को पर्याप्त समय तक पानी में भिगोना जरूरी होता है. अगर चने ठीक से नहीं भीगे हैं तो प्रेशर कुकर में पकाने के बाद भी वे अंदर से सख्त रह सकते हैं. बेहतर होगा कि चनों को लगभग 8 से 10 घंटे या रातभर पर्याप्त पानी में भिगोकर रखा जाए. इससे वे पानी सोखकर फूल जाते हैं और पकाने में भी आसानी होती है. अगले दिन पानी निकालकर उन्हें साफ पानी से धोने के बाद पकाया जा सकता है. अगर चने पुराने हैं तो उन्हें गलने में कुछ ज्यादा समय भी लग सकता है. (इमेज AI)
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सिर्फ उबले चनों में मसाला डालने से नहीं बनेगा स्वाद: छोले का असली स्वाद उसके मसाले के बेस से आता है. केवल उबले हुए चनों में तैयार चना मसाला डालकर कुछ मिनट पकाने से स्वाद उतना गहरा नहीं बन पाता. प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और मसालों को सही तरीके से पकाना जरूरी है. जीरा, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, अमचूर और गरम मसाला जैसी चीजें छोले के स्वाद को बेहतर बनाती हैं. मसाले को धीमी से मीडियम आंच पर अच्छी तरह पकाने के बाद उसमें उबले चने डालें. इसके बाद कुछ देर छोलों को मसाले के साथ पकने दें, ताकि स्वाद अच्छी तरह मिल सके. अगर छोलों में ढाबे जैसा गहरा रंग चाहते हैं तो चने उबालते समय चाय की पोटली या टी बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है. पकने के बाद इसे निकाल दें. इससे छोलों का रंग गहरा करने में मदद मिल सकती है. (इमेज AI)
सिर्फ मैदा लगाने से बिगड सकता है भटूरे का टेक्सचर: भटूरे का आटा तैयार करते समय सिर्फ मैदा इस्तेमाल करने पर कई बार टेक्सचर उम्मीद के मुताबिक नहीं आता. मैदे के साथ थोडी सूजी और दही मिलाने से भटूरे के टेक्सचर को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. सूजी भटूरे को हल्का स्ट्रक्चर देती है, जबकि दही आटे को नरम रखने में मदद करता है. आटे को अच्छी तरह गूंथना भी जरूरी है. बहुत सख्त आटा बनाने से बचें. आटा तैयार होने के बाद उसे ढककर पर्याप्त समय के लिए आराम देना चाहिए. (इमेज AI)
आटे को आराम न देना पड सकता है भारी: जल्दी में भटूरे बनाते समय सबसे आम गलतियों में से एक आटा गूंथते ही उसे बेलना शुरू कर देना है. भटूरे के आटे को कुछ समय आराम देना जरूरी है. इससे आटा बेहतर तरीके से सेट होता है और बेलना आसान हो जाता है. आमतौर पर आटे को कम से कम 2 घंटे आराम दिया जा सकता है. हालांकि यह समय इस्तेमाल की गई रेसिपी और खमीर उठाने के तरीके के अनुसार बदल सकता है. आटे को ढककर रखें ताकि उसकी ऊपरी सतह सूखे नहीं. सही तरीके से तैयार और आराम किया हुआ आटा भटूरे को तलते समय अच्छी तरह फूलने में मदद करता है. (इमेज AI)
तेल का तापमान गलत तो नहीं फूलेगा भटूरा: अगर आपका भटूरा कडाही में डालते ही नीचे बैठ जाता है और काफी तेल सोख लेता है तो इसकी एक वजह तेल का पर्याप्त गर्म न होना हो सकती है. कम गर्म तेल में भटूरा धीरे-धीरे पकता है और इस दौरान ज्यादा तेल सोख सकता है. वहीं जरूरत से ज्यादा गर्म तेल में भटूरा ऊपर से बहुत जल्दी भूरा हो सकता है जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पकता. इसलिए तेल का तापमान सही होना बेहद जरूरी है. तलने से पहले आटे का बहुत छोटा टुकडा तेल में डालकर देख सकते हैं. अगर वह बिना जले जल्दी ऊपर आने लगे और उसके आसपास बुलबुले दिखाई दें तो तेल तलने के लिए तैयार हो सकता है. इसके बाद बेला हुआ भटूरा सावधानी से कडाही में डालें. (इमेज AI)
भटूरे को बहुत पतला या मोटा बेलने से बचें: भटूरे को बेलने का तरीका भी उसके फूलने पर असर डाल सकता है. अगर किसी हिस्से को बहुत पतला और किसी हिस्से को मोटा रखा गया है तो भटूरा समान रूप से नहीं फूल पाएगा. इसलिए इसे एक समान मोटाई में बेलने की कोशिश करें. भटूरे को तेल में डालने के बाद कलछी से बहुत हल्के हाथ से ऊपर की तरफ दबाया जा सकता है. इससे गर्म तेल उसकी ऊपरी सतह तक पहुंचता है और भटूरे को फूलने में मदद मिलती है. हालांकि बहुत ज्यादा दबाने से भटूरा फट भी सकता है, इसलिए ऐसा सावधानी से करें. (इमेज AI)
कडाही में एक साथ कई भटूरे डालना है गलत: समय बचाने के लिए कई लोग बडी कडाही में एक साथ दो या तीन भटूरे डाल देते हैं. इससे तेल का तापमान अचानक कम हो सकता है और भटूरे सही तरीके से फूलने के बजाय तेल सोख सकते हैं. बेहतर रिजल्ट के लिए एक बार में एक भटूरा तलें. इससे उसे फूलने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी और तेल का तापमान भी बेहतर तरीके से बना रहेगा. एक भटूरा निकालने के बाद अगले भटूरे को डालने से पहले तेल को दोबारा सही तापमान तक आने दें. (इमेज AI)
छोले भटूरे के साथ ये चीजें बढा देंगी स्वाद: सिर्फ अच्छे छोले और फूले भटूरे तैयार करना ही काफी नहीं है. सही चीजों के साथ सर्व करने पर इसका स्वाद और मजेदार हो जाता है. छोले भटूरे के साथ सिरके वाले प्याज, हरी चटनी, हरी मिर्च और नींबू परोसा जा सकता है. प्याज को सिरका और थोडे नमक के साथ कुछ देर रखकर तुरंत सर्व किया जा सकता है. नींबू का खट्टापन मसालेदार छोलों के साथ अच्छा लगता है. भटूरे को पहले से तलकर रखने के बजाय कोशिश करें कि उन्हें गर्मागर्म ही परोसा जाए. (इमेज AI)
छोटी गलतियां सुधारकर बनाएं बाजार जैसे छोले भटूरे: घर पर अच्छे छोले भटूरे बनाने के लिए किसी एक सीक्रेट सामग्री से ज्यादा सही तरीका मायने रखता है. चनों को रातभर भिगोने से लेकर मसाले को अच्छी तरह पकाने, भटूरे का आटा सही तरीके से तैयार करने और तेल का तापमान बनाए रखने तक हर स्टेप का अपना महत्व है. पहली बार में भटूरे बिल्कुल बाजार जैसे न भी बनें तो निराश होने की जरूरत नहीं है. इन छोटी गलतियों को सुधारते हुए अगली बार टेक्सचर काफी बेहतर किया जा सकता है. सही तैयारी के साथ घर पर भी मसालेदार छोले और गर्मागर्म फूले हुए भटूरे तैयार किए जा सकते हैं. (इमेज AI)