Jungli mushroom pihri: मध्य प्रदेश का बालाघाट जिला घने जंगलों से घिरा है, जहां हर मौसम में अलग-अलग तरह की जंगली सब्जियां मिलती हैं. बारिश के मौसम में मिलने वाली पिहरी यानी जंगली मशरूम इन दिनों बाजारों में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. सावन में बादलों की गरज के साथ जंगल की जमीन से निकलने वाली पिहरी की कीमत 800 से 1000 रुपये किलो तक पहुंच गई है. इसकी मांग बालाघाट के अलावा महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर में भी है. पिहरी को जंगल से लाना आसान नहीं है. आदिवासी लोग इसे चुनने के लिए सुबह करीब चार बजे जंगल जाते हैं, जहां उन्हें जंगली जानवरों, खासकर बाघों का खतरा रहता है. इसके बावजूद लोग इसे बाजार तक लाते हैं. पिहरी का स्वाद बेहद स्वादिष्ट माना जाता है. इसे अच्छी तरह धोकर प्याज, अदरक-लहसुन और मसालों की ग्रेवी में पकाया जाता है. इससे सब्जी के अलावा अचार, बड़ी और पापड़ भी बनाए जाते हैं. इसमें कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम और कई खनिज तत्व पाए जाते हैं.