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Ghonga Lovers In Ranchi: रांची की सड़कों पर अक्सर लोग घोंघा बेचते नजर आ जाएंगे. नॉनवेज लवर्स का फेवरेट ये आइटम 250 रुपये किलो तक बिकता है. चिकन, मटन की ही तरह इसे बनाया जाता है और स्वाद गजब होता है. डिमांड इतनी है कि दुकान लगने के कुछ घंटे के अंदर ही पूरा माल बिक जाता है.

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रांची. रांची की सड़कों पर आपको खासतौर पर एक खास तरह का आइटम देखने को मिलेगा, जिसे नॉनवेज लवर्स बहुत पसंद करते हैं. इसे घोन्घा या स्थानीय भाषा में डोका भी कहते हैं. इसे यहां के आदिवासी भी खूब पसंद करते हैं. ये प्रोटीन का काफी अच्छा सोर्स माना जाता है और मटन चिकन के विकल्प के तौर पर भी खाया जाता है. इसे पसंद करने वालों का कहना है कि टेस्ट भी एकदम जबरदस्त आता है.

फटाफट खत्म होता स्टॉक
ग्रामीण खासतौर पर तालाब में चुनकर लाते हैं और यह ₹200 से 250 केजी तक मिलता है. कई बार कीमत और ऊपर जाती है. शेल निकालकर जो बेचते हैं, उसकी कीमत और अधिक होती है. इसे बेचने वाले रमेश बताते हैं कि हम घोंघा तालाब से चुनते हैं और फिर दोपहर के 2:00 बजे बाजार में आकर बैठ जाते हैं. एक-दो घंटे में ही यह पूरा खत्म हो जाता है. इसके अपने ही ऐसे कस्टमर होते हैं, जो इंतजार करते हैं और जैसे देखते हैं कि दुकान सज गई है, वैसे ही आकर यह तुरंत ले जाते हैं.

तालाब और खेत से चुनकर लाते
रमेश बताते हैं, हम लोग खासतौर पर तालाब और खेत से भी चुनते हैं. जहां पर पानी का जमाव ज्यादा होता है, वहां पर यह आसानी से मिल जाता है, वहीं पर ये पनपता है. हम लोग से कई बार दवा बनाने वाली जो कंपनी होती है, वह भी लेकर जाती है. वह कहते हैं कि आंख में डालने वाला जो ड्रॉप होता है, उसमें यह काम आता है. इसमें प्रोटीन और ल्युटिन जैसे पोषक तत्व होते हैं. खरीदार ऐसा बताते हैं और हमसे खरीद कर ले जाते हैं.

खाने में चिकन मटन फेल है
उन्होंने आगे बताया कि खाने में चिकन मटन फेल है. जैसे चिकन मटन का स्वाद आता है, एकदम टेस्टी उससे अधिक ही आएगा, कम नहीं. बनाया भी बिल्कुल वैसे ही जाता है. जैसे आप चिकन बनाते हैं, अधिक प्याज तेल मसाले के साथ. उसी स्टाइल में इसे भी बनाया जाता है. बिल्कुल भी अलग नहीं, हम लोग इसे हमेशा खाते हैं और आज तक आंख में चश्मा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी.

स्वाद के साथ-साथ की कमाई का भी जरिया
यह हमारा रोजगार का भी बढ़िया विकल्प है. क्योंकि, इसके लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता. बस खेत और तालाब से चुनकर लाना पड़ता है और एक दिन में आराम से 1000 तक की बिक्री हो जाती है और कभी-कभी तो 2000 तक भी. मतलब जितना क्वांटिटी अधिक चुनकर ले आएं, उतनी ही बिक्री. बरसात के मौसम में तो अधिक पानी जमता है. ऐसे में एक दिन में 2500 तक की बिक्री हो जाती है. तो यह स्वाद के साथ-साथ की कमाई का भी बढ़िया जरिया है.

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Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



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