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जिमी कांदा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजन है, जिसे सुरन या ओल भी कहा जाता है. गर्मी के मौसम में इसकी मसालेदार सब्जी स्वाद के साथ पौष्टिकता भी देती है. देसी मसालों से तैयार यह रेसिपी खाने का जायका कई गुना बढ़ा देती है. एक बार इसका स्वाद चखने के बाद लोग नॉनवेज का स्वाद भी भूल सकते हैं.
Jimi Kanda recipe: छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई में जिमी कांदा का खास महत्व है. स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर यह देसी सब्जी अब गर्मियों में भी लोगों की पसंद बनती जा रही है. ग्रामीण इलाकों में माना जाता है कि जिमी कांदा शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने, पाचन को बेहतर रखने और गर्मी से होने वाली परेशानियों से राहत देने में मदद करता है. यही वजह है कि गांवों में इसे मसालेदार सब्जी, भुजिया और देसी तरीकों से बनाकर गर्मियों के भोजन में शामिल किया जाता है. जिमी कांदा, जिसे कई जगहों पर सुरन या ओल के नाम से भी जाना जाता है, पारंपरिक स्वाद के साथ सेहत का भी बेहतरीन संगम माना जाता है.
जिमी कांदा फाइबर, आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. ग्रामीण मान्यताओं के अनुसार, गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को संतुलित रखने और थकान कम करने में मदद करता है. यह पाचन को दुरुस्त रखने के साथ पेट से जुड़ी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. तेज गर्मी में जब लोग हल्के और पौष्टिक भोजन की तलाश करते हैं, तब जिमी कांदा एक अच्छा विकल्प बन जाता है.
पारंपरिक स्वाद से भरपूर देसी रेसिपी
जिमी कांदा की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले इसे छीलकर छोटे टुकड़ों में काटा जाता है. फिर हल्दी मिले पानी में उबालकर इसकी खुजली को कम किया जाता है. इसके बाद टेल मी सुनहरा होने तक तला जाता है. इसके बाद कढ़ाई में तेल गर्म कर प्याज, टमाटर, अदरक-लहसुन और देसी मसालों का तड़का लगाया जाता है. मसाले अच्छी तरह पकने के बाद उबला हुआ जिमी कांदा डालकर धीमी आंच में भुना जाता है. ऊपर से हरा धनिया डालने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
चावल और रोटी दोनों के साथ शानदार स्वाद
जिमी कांदा की सब्जी गरम चावल, दाल या रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. कई लोग इसे दही या रायते के साथ खाना पसंद करते हैं, जिससे यह संतुलित और हल्का भोजन बन जाता है. छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में गर्मियों के दौरान यह पारंपरिक व्यंजन आज भी खास पसंद माना जाता है.
गर्मी में सेहत का देसी खजाना
छत्तीसगढ़ की देसी रसोई में जिमी कांदा सिर्फ एक सब्जी नहीं, बल्कि पारंपरिक खानपान की पहचान भी है. बदलते समय में जहां लोग पौष्टिक और देसी भोजन की ओर लौट रहे हैं, वहीं जिमी कांदा की सब्जी स्वाद के साथ सेहत का भी बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है.
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