बिरयानी बनाना सिर्फ मसालों और सही पकाने के तरीके का खेल नहीं है, बल्कि इसके लिए सही चावल का चुनाव भी बहुत जरूरी है. बिरयानी की खूबसूरती उसके लंबे, खिले-खिले और खुशबूदार चावल से ही नजर आती है. अगर चावल सही नहीं होंगे तो चाहे ग्रेवी और मसालों का स्वाद कितना भी अच्छा क्यों न हो, बिरयानी का पूरा मजा किरकिरा हो सकता है. कई बार घर पर बिरयानी बनाते समय चावल ज्यादा गल जाते हैं, आपस में चिपक जाते हैं या पकने के बाद टूट जाते हैं. इसकी एक वजह गलत किस्म के चावल का इस्तेमाल भी हो सकती है.
वहीं सही चावल चुनने पर दाने पकने के बाद लंबे और अलग-अलग रह सकते हैं, जिससे बिरयानी देखने में भी शानदार लगती है. इसलिए चावल खरीदते समय सिर्फ कीमत या पैकेट देखकर फैसला न करें, बल्कि उसकी किस्म, दाने की लंबाई और गुणवत्ता पर भी ध्यान दें. आइए जानते हैं बिरयानी के लिए कौन से चावल सबसे अच्छे रहते हैं.
लंबे दाने वाला बासमती चावल
बिरयानी के लिए लंबे दाने वाला बासमती चावल सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है. बासमती चावल की खासियत यह है कि पकने के बाद इसके दाने लंबे होते हैं और सही तरीके से पकाने पर एक-दूसरे से चिपकते नहीं हैं. इसके अलावा बासमती की प्राकृतिक खुशबू बिरयानी के स्वाद और खुशबू को भी बढ़ाती है. चिकन बिरयानी हो, मटन बिरयानी, वेज बिरयानी या एग बिरयानी, लंबे दाने वाला बासमती चावल लगभग हर तरह की बिरयानी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
पुराना यानी Aged Basmati क्यों है अच्छा?
बिरयानी के लिए aged basmati rice यानी कुछ समय तक रखा गया पुराना बासमती चावल भी अच्छा विकल्प माना जाता है. इसकी नमी कम होने के कारण चावल पकाते समय दाने ज्यादा आसानी से अलग रह सकते हैं. ऐसे चावल बिरयानी के लिए खास तौर पर पसंद किए जाते हैं, क्योंकि इनसे चावल के दाने लंबे और खिले हुए नजर आ सकते हैं.
हालांकि aged rice खरीदते समय भी गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है. सिर्फ पुराना होने से चावल अच्छा नहीं हो जाता. पैकेट पर चावल की किस्म, ग्रेन की लंबाई और अन्य जानकारी देखकर ही खरीदना बेहतर है.
1121 बासमती चावल
अगर आपको बिरयानी में बहुत लंबे और आकर्षक चावल पसंद हैं तो 1121 Basmati Rice पर विचार कर सकती हैं. इसके दाने लंबे होते हैं और पकने के बाद इनकी लंबाई और बढ़ सकती है. इसी वजह से यह बिरयानी, पुलाव और कई तरह के चावल वाले व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है. दम बिरयानी में इसकी लंबाई और खिले हुए दाने डिश को काफी आकर्षक बना सकते हैं.
1509 बासमती चावल
1509 Basmati Rice भी बिरयानी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक विकल्प है. यह अच्छी क्वालिटी में मिलने पर पकने के बाद लंबे और अलग-अलग दाने दे सकता है. कुछ किस्में 1121 की तुलना में जल्दी पक सकती हैं, इसलिए इसे इस्तेमाल करते समय चावल पकाने का समय और पानी की मात्रा ध्यान से रखें. बजट और उपलब्धता के हिसाब से कई लोग इसे भी पसंद करते हैं.
छोटे या ज्यादा चिपचिपे चावल से बचें
हर तरह के चावल से अच्छी बिरयानी नहीं बनती. ऐसे चावल जिनमें स्टार्च ज्यादा हो और जो पकने के बाद जल्दी चिपक जाएं, बिरयानी के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं. चावल अगर आपस में चिपक जाएंगे तो बिरयानी की परतें और दानों की खूबसूरती खत्म हो सकती है. इसलिए खासकर बिरयानी के लिए छोटे दाने या ज्यादा चिपचिपी किस्म की जगह लंबे दाने वाले चावल चुनना बेहतर रहता है.
चावल खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
चावल खरीदते समय सबसे पहले दाने की लंबाई और एकरूपता देखें. कोशिश करें कि पैकेट में टूटे हुए चावल बहुत ज्यादा न हों. अगर संभव हो तो अच्छी गुणवत्ता वाले पैकेज्ड बासमती चावल चुनें और पैकेट पर दी गई जानकारी जरूर पढ़ें. बिरयानी के लिए ऐसा चावल लें जिसके बारे में यह स्पष्ट हो कि वह लंबे दाने वाला है और पकने के बाद खिला हुआ परिणाम देता है.
बिरयानी के चावल पकाने का सही तरीका भी जरूरी
सही चावल खरीदने के बाद उसे पकाने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है. चावल को पकाने से पहले अच्छी तरह धोकर कुछ समय के लिए भिगोया जा सकता है. इससे दानों को समान रूप से पकने में मदद मिलती है. बिरयानी के लिए चावल को पूरी तरह गलाने के बजाय लगभग 70-80 प्रतिशत तक पकाना बेहतर रहता है, क्योंकि बाद में यह मसालेदार परतों के साथ दम पर भी पकता है. चावल को ज्यादा पकाने से दाने टूट सकते हैं और बिरयानी चिपचिपी हो सकती है. वहीं कम पके चावल दम के दौरान भी पूरी तरह नरम नहीं हो पाएंगे. इसलिए चावल की बनावट पर ध्यान देना जरूरी है.